रांची /कोडरमा: झारखंड JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितता और पेपर लीक मामले की जांच कर रही CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच के क्रम में कोडरमा से एक यूट्यूबर और ट्रस्ट संचालक को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों पर आरोप है कि वे अभ्यर्थियों से पैसे लेकर परीक्षा में अनुचित लाभ दिलाने और चयन में कथित तौर पर ‘सेटिंग’ कराने के नेटवर्क से जुड़े थे। जांच के दौरान CID की टीम ने कोडरमा जिले में कार्रवाई करते हुए दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। इनमें राजेश प्रसाद यादव, जो डोमचांच क्षेत्र में यूट्यूब चैनल चलाते हैं, और संदीप कुमार, जो पूर्णानगर क्षेत्र में ट्रस्ट का संचालन करते हैं, शामिल बताए गए हैं। पूछताछ के बाद दोनों की औपचारिक गिरफ्तारी की गई। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों की परीक्षा से जुड़े कथित नेटवर्क में क्या भूमिका थी और किन-किन अभ्यर्थियों से उनका संपर्क था। CID की जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, दोनों संदिग्धों पर अभ्यर्थियों से पैसे लेकर JSSC-CGL परीक्षा में अनुचित लाभ दिलाने के नाम पर ‘सेटिंग’ कराने का आरोप है। जांच एजेंसी कथित लेन-देन, अभ्यर्थियों के साथ संपर्क और परीक्षा से जुड़े अन्य लोगों के साथ इनके संबंधों की पड़ताल कर रही है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। जांच एजेंसी के लिए इन दोनों से पूछताछ इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे कथित बिचौलियों के नेटवर्क और अभ्यर्थियों के बीच संपर्क की कड़ियों का पता चल सकता है। CID यह जानने की कोशिश कर रही है कि यदि अभ्यर्थियों से पैसे लिए गए थे, तो रकम किसके माध्यम से और किन लोगों तक पहुंचाई गई। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि दोनों आरोपियों का परीक्षा संचालन से जुड़े अन्य आरोपियों के साथ कोई सीधा संपर्क था या नहीं। JSSC-CGL मामले में पिछले कुछ सप्ताह में CID की कार्रवाई लगातार बढ़ी है। इससे पहले परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों, कथित बिचौलियों और परीक्षा में अनुचित साधनों का लाभ लेने के आरोप वाले अभ्यर्थियों से भी पूछताछ और गिरफ्तारियां हुई हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, 15 सितंबर तक JSSC-CGL 2023 मामले में गिरफ्तारियों की संख्या 13 तक पहुंच चुकी थी। जांच एजेंसी कथित परीक्षा नेटवर्क के अलग-अलग हिस्सों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच के दौरान कई आरोपियों पर अभ्यर्थियों को परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप सामने आ चुके हैं। इससे पहले CID ने परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों और कथित मध्यस्थों को भी गिरफ्तार किया है। जांच में कुछ सफल अभ्यर्थियों की भूमिका भी सामने आने की बात रिपोर्टों में कही गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, जांच टीम सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि किन अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर पैसे देकर परीक्षा में अनुचित लाभ हासिल किया और उनके संपर्क में कौन-कौन से बिचौलिए थे। राजेश प्रसाद यादव और संदीप कुमार की गिरफ्तारी के बाद CID अब उनके मोबाइल फोन, बैंक खातों, संपर्कों और कथित वित्तीय लेन-देन की जांच कर सकती है। साथ ही पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है। JSSC-CGL मामले में जांच अभी जारी है। इसलिए फिलहाल किसी आरोपी की भूमिका को अंतिम रूप से दोष सिद्ध नहीं माना जा सकता। अदालत में आरोपों की पुष्टि और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही मामले की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी। JSSC-CGL केस में लगातार हो रही गिरफ्तारियों से संकेत है कि जांच एजेंसी परीक्षा में कथित धांधली के नेटवर्क की अलग-अलग कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अब कोडरमा से गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी पर सभी की नजर रहेगी।कोडरमा से हिरासत में लिए गए थे दोनों
पैसे लेकर ‘सेटिंग’ कराने का आरोप
पूछताछ में सामने आ सकते हैं कई अहम नाम
लगातार बढ़ रहा जांच का दायरा
पहले भी सामने आया है ‘सेटिंग’ का नेटवर्क
अब आगे क्या?
JSSC-CGL केस में दो और गिरफ्तार, यूट्यूबर और ट्रस्ट संचालक पर अभ्यर्थियों से पैसे लेकर ‘सेटिंग’ कराने का आरोप






