रांची: राजधानी रांची के कोतवाली थाना क्षेत्र में औघड़ बाबा आश्रम के पास झाड़ियों से मिले युवक के शव के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतक की पहचान सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के कुम्हार टोली निवासी 32 वर्षीय उपेंद्र कुमार मिश्रा के रूप में हुई थी। शुरुआती जांच में शव पर खून के निशान मिलने के बाद पुलिस ने हत्या की आशंका जताई थी। घटना 26 अगस्त 2026 की बताई गई है। औघड़ बाबा आश्रम के समीप झाड़ियों में एक युवक का शव पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। उस समय शव की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस ने मृतक की तस्वीर को जिले के अलग-अलग थानों में भेजा और गुमशुदगी की रिपोर्टों से उसका मिलान कराया। जांच के बाद मृतक की पहचान उपेंद्र कुमार मिश्रा के तौर पर हुई। पुलिस के मुताबिक, शव की स्थिति और शरीर पर मिले खून के निशानों से प्रथम दृष्टया युवक पर धारदार हथियार से हमला किए जाने की आशंका सामने आई थी। शुरुआती रिपोर्टों में चाकू से वार की संभावना भी जताई गई थी। हालांकि, उस समय पुलिस ने हत्या की वजह या इस्तेमाल किए गए हथियार को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया था। मौत की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक जांच को महत्वपूर्ण माना गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर FSL टीम को बुलाया गया। टीम ने मौके से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में उपलब्ध CCTV फुटेज को भी खंगालना शुरू किया। जांच का मकसद यह पता लगाना था कि उपेंद्र आखिरी बार किन लोगों के साथ था, वह घटनास्थल तक कैसे पहुंचा और हत्या के पीछे क्या वजह थी। बाद की जांच में पुलिस ने मामले का खुलासा करने का दावा किया और सुजीत कुमार गुप्ता उर्फ पीटर, निवासी विद्यानगर, तथा राकेश कुमार यादव, निवासी सुखदेव, को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, दोनों पर हत्या के साथ-साथ लूट और चोरी की अन्य घटनाओं में शामिल होने का भी आरोप है। पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच के लिए SIT का भी गठन किया था। टीम ने मानवीय सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने की कार्रवाई की। पुलिस की जांच के मुताबिक, उपेंद्र कुमार मिश्रा की हत्या के अलावा उसी रात रांची के दूसरे इलाकों में चाकूबाजी और चोरी-लूट की घटनाओं के सुराग भी सामने आए। रिपोर्टों के अनुसार, अरगोड़ा थाना क्षेत्र में एक ट्रक चालक से चाकू के बल पर मोबाइल लूटने और बसंत विहार रोड नंबर-5 के पास निर्माणाधीन भवन में मोबाइल चोरी की घटना की भी जांच की गई। पुलिस ने इन घटनाओं में समान तरीके से वारदात किए जाने की संभावना के आधार पर मामलों के बीच कड़ी तलाशनी शुरू की। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया चाकू, लूटे या चोरी किए गए मोबाइल फोन तथा घटना के समय पहने गए कपड़े और चप्पल बरामद किए गए। कुछ रिपोर्टों में चार मोबाइल फोन बरामद होने की जानकारी भी दी गई है। इन बरामद सामानों को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। मामले में पुलिस की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हत्या के पीछे की वजह को लेकर रहा। शुरुआती चरण में हत्या का कारण स्पष्ट नहीं था। बाद की पुलिस कार्रवाई में हत्या के साथ लूट की कड़ी भी सामने आई। फिर भी, किसी आरोपी की भूमिका या अपराध का अंतिम निष्कर्ष अदालत में साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा। पुलिस की पूछताछ और बरामदगी को जांच का हिस्सा माना जाना चाहिए। अब पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं—उपेंद्र कुमार मिश्रा को घटनास्थल तक कैसे लाया गया, हमले की पूरी परिस्थितियां क्या थीं, हत्या के दौरान कितने लोग मौजूद थे और बरामद हथियार व मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच से क्या जानकारी सामने आती है। CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, FSL रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस मामले की कड़ियां जोड़ रही है। औघड़ बाबा आश्रम के पास झाड़ियों से मिले उपेंद्र कुमार मिश्रा के शव ने शुरुआत में रांची पुलिस के सामने कई सवाल खड़े किए थे। शव की पहचान से लेकर हत्या की आशंका और फिर दो संदिग्धों की गिरफ्तारी तक जांच आगे बढ़ी। पुलिस ने इसे हत्या, लूट और चोरी की घटनाओं से जोड़कर भी जांच की है। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया में होना है। दोष सिद्ध होने तक किसी भी आरोपी को कानूनी रूप से दोषी नहीं माना जा सकता।झाड़ियों में मिला था युवक का शव
शरीर पर मिले थे चोट और खून के निशान
FSL टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
पुलिस जांच में दो आरोपी गिरफ्तार
एक ही रात में तीन वारदातों की कड़ी
चाकू, मोबाइल और दूसरे सामान बरामद
हत्या के पीछे क्या था मकसद?
पुलिस की जांच में आगे क्या?
निष्कर्ष
रांची में उपेंद्र कुमार मिश्रा हत्याकांड का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार






