नई दिल्ली, 18 सितंबर 2026: अंतरिक्ष विज्ञान में एक नई खोज ने वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद की है कि सुपरमैसिव ब्लैक होल किसी तारे को नष्ट करने के बाद अचानक शक्तिशाली जेट या गैस के प्रवाह क्यों छोड़ते हैं। नए अध्ययन के अनुसार, इन घटनाओं का समय ब्लैक होल की feeding rate यानी पदार्थ निगलने की दर से गहराई से जुड़ा है। जब कोई तारा सुपरमैसिव ब्लैक होल के बहुत करीब पहुंच जाता है, तो उसका अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण उसे खींचकर टुकड़ों में बांट देता है। इस घटना को Tidal Disruption Event (TDE) कहा जाता है। तारे का पूरा पदार्थ ब्लैक होल के अंदर नहीं जाता। उसका कुछ हिस्सा ब्लैक होल के चारों ओर जमा होकर accretion flow बनाता है, जबकि कुछ पदार्थ तेज गति से अंतरिक्ष में बाहर निकल सकता है। यही बाहर निकलने वाला पदार्थ शक्तिशाली jets और outflows पैदा कर सकता है। वैज्ञानिकों ने इन देर से निकलने वाले जेट को अनौपचारिक रूप से ब्लैक होल का “burp” कहा है। Nature Astronomy में 17 सितंबर 2026 को प्रकाशित अध्ययन में Adelle Goodwin और Andrew Mummery के नेतृत्व वाली टीम ने 20 tidal-disruption events के optical, ultraviolet, X-ray और radio observations का विश्लेषण किया। इनमें से 10 घटनाओं में ब्लैक होल की feeding rate और radio outflow के समय का पर्याप्त विश्वसनीय मॉडल तैयार किया जा सका। रेडियो अवलोकन विशेष रूप से महत्वपूर्ण थे, क्योंकि इनके जरिए वैज्ञानिक जेट और बाहर निकल रहे पदार्थ की गतिविधि को ट्रैक कर सकते हैं। अध्ययन में वैज्ञानिकों को जेट निर्माण के दो अलग चरणों के संकेत मिले। पहला चरण उस समय आता है जब तारे के टूटने के बाद ब्लैक होल बहुत तेजी से पदार्थ ग्रहण कर रहा होता है। दूसरा और अधिक रहस्यमय चरण काफी बाद में दिखाई देता है—कई मामलों में तारे के टूटने के सैकड़ों से हजारों दिन बाद। दूसरे चरण में ब्लैक होल की feeding rate घटकर लगभग 2% Eddington limit तक पहुंच जाती है। Eddington limit वह सैद्धांतिक सीमा है जिस पर विकिरण से पैदा होने वाला दबाव ब्लैक होल के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव के मुकाबले महत्वपूर्ण हो जाता है। इस अध्ययन का एक बड़ा निष्कर्ष यह है कि यह लगभग 2% का critical accretion rate केवल सुपरमैसिव ब्लैक होल में ही नहीं देखा जाता। हमारी आकाशगंगा में मौजूद बहुत छोटे, stellar-mass black holes में भी accretion state बदलने और jets बनने के दौरान इसी तरह की सीमा देखी गई है। इससे वैज्ञानिकों को संकेत मिलता है कि अलग-अलग आकार के ब्लैक होल में पदार्थ के साथ होने वाली कुछ मूलभूत भौतिक प्रक्रियाएं scale-invariant हो सकती हैं—यानी ब्लैक होल का आकार बहुत अलग होने के बावजूद प्रक्रिया का मूल नियम समान रह सकता है। वैज्ञानिक अभी भी जेट निर्माण की पूरी भौतिक प्रक्रिया को समझने की कोशिश कर रहे हैं। माना जाता है कि ब्लैक होल के आसपास अत्यधिक गर्म और तेजी से घूमता पदार्थ, मजबूत magnetic fields और accretion flow मिलकर पदार्थ और ऊर्जा को ब्लैक होल के ध्रुवीय क्षेत्रों से बेहद तेज गति से बाहर निकाल सकते हैं। नए अध्ययन का महत्व इस बात में है कि यह केवल जेट बनने की घटना दर्ज नहीं करता, बल्कि ब्लैक होल की feeding state और जेट के बीच संबंध को निर्धारित करने की दिशा में एक मात्रात्मक नियम प्रस्तुत करता है। वैज्ञानिकों ने पहले भी देखा था कि कुछ TDE में तारे के नष्ट होने के काफी समय बाद रेडियो emission अचानक बढ़ जाती है। समस्या यह थी कि अलग-अलग घटनाओं में यह बदलाव अलग समय पर दिखाई देता था—कहीं लगभग एक वर्ष बाद, तो कहीं कई वर्ष बाद। नई रिसर्च के मुताबिक, यह देरी यादृच्छिक नहीं हो सकती। जैसे-जैसे ब्लैक होल के आसपास पदार्थ की आपूर्ति कम होती जाती है और accretion rate एक विशेष सीमा तक पहुंचती है, सिस्टम एक अलग अवस्था में प्रवेश कर सकता है और तब दूसरा jet या outflow शुरू हो सकता है। इस खोज का व्यावहारिक फायदा खगोलविदों के लिए भी हो सकता है। यदि वैज्ञानिक यह अनुमान लगा सकें कि किसी TDE में ब्लैक होल कब critical accretion rate तक पहुंचेगा, तो वे उस अवधि के आसपास रेडियो टेलीस्कोप से निगरानी बढ़ा सकते हैं। इससे सीमित telescope time का अधिक प्रभावी इस्तेमाल किया जा सकता है और उन घटनाओं को पकड़ने की संभावना बढ़ सकती है जिनमें देर से powerful jets बनते हैं। यह अध्ययन ब्लैक होल की एक आम धारणा को भी अधिक जटिल बनाता है। ब्लैक होल अपने आसपास का पदार्थ केवल अंदर खींचते नहीं हैं। उनके आसपास होने वाली accretion प्रक्रिया में पदार्थ का एक हिस्सा बाहर भी निकाला जा सकता है, और ये outflows बड़े पैमाने पर आसपास के अंतरिक्ष को प्रभावित कर सकते हैं। 20 tidal-disruption events के अध्ययन से वैज्ञानिकों को ब्लैक होल के “burps” के समय को समझने के लिए एक नया ढांचा मिला है। रिसर्च के अनुसार, सुपरमैसिव ब्लैक होल बहुत तेज feeding के दौरान और बाद में करीब 2% Eddington accretion rate पर अलग-अलग चरणों में शक्तिशाली outflows या jets पैदा कर सकते हैं। यह परिणाम संकेत देता है कि छोटे और विशाल ब्लैक होल के jet-launching physics में एक सार्वभौमिक नियम काम कर सकता है।जब ब्लैक होल तारे को फाड़ देता है
20 TDE का किया गया अध्ययन
जेट दो अलग चरणों में निकल सकते हैं
सबसे महत्वपूर्ण खोज: आकार अलग, नियम समान
आखिर जेट बनते कैसे हैं?
देर से आने वाले “बर्प” पहले क्यों रहस्य थे?
भविष्य के अवलोकनों में मिलेगी मदद
ब्लैक होल सिर्फ “कॉस्मिक वैक्यूम क्लीनर” नहीं
निष्कर्ष
ब्लैक होल के रहस्यमय “बर्प” का राज खुला, वैज्ञानिकों ने बताया कब निकलते हैं शक्तिशाली जेट



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