बुधवार, 15 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जो रात्रि में चतुर्दशी में परिवर्तित होगी। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र दोपहर तक रहेगा, जिसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र प्रारंभ होगा। आज के प्रमुख धार्मिक अवसरों में प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि शामिल हैं। यह दिन भगवान शिव की आराधना, व्रत और ध्यान के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। शुभ मुहूर्तों में सुबह 07:37 से 09:10 तक अमृत काल तथा दोपहर 02:26 से 03:18 तक विजय मुहूर्त रहेगा। हालांकि अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है। राहुकाल 12:17 से 01:54 तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। यात्रा के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा को शुभ बताया गया है, और गुड़ या दूध का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करना लाभकारी माना गया है। अंत में आज का संदेश यही है कि हर कार्य की शुरुआत कठिन लगती है, लेकिन धैर्य और समय के साथ वही कार्य सरल हो जाता है।राशिफल संक्षेप:
15 अप्रैल 2026 का पंचांग एवं राशिफल: प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि विशेष





