पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को
फुलवारीशरीफ स्थित पटना डेयरी प्रोजेक्ट (सुधा) का निरीक्षण किया और
अधिकारियों को डेयरी प्लांट एवं दुग्ध उत्पादन समितियों के विस्तार से जुड़े
आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन बढ़ने से किसानों की
आमदनी में इजाफा होगा और राज्य में रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
मुख्यमंत्री
ने बताया कि वर्ष 2008 में कृषि रोड मैप लागू होने के बाद राज्य में कृषि
उत्पादन, उत्पादकता और दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे
राज्य के किसानों और पशुपालकों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिला है।
उन्होंने
निर्देश देते हुए कहा कि दुग्ध समितियों का और विस्तार किया जाए, अधिक
लोगों को जोड़ा जाए तथा प्रोसेसिंग और प्रोक्योरमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर की
क्षमता बढ़ाई जाए। साथ ही, प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों के लिए आवासीय
व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि
सरकार किसानों और पशुपालकों की समृद्धि के लिए लगातार कार्य कर रही है।
राज्य दुग्ध सहकारी महासंघ लिमिटेड (कॉम्फेड) के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों
को बेहतर मूल्य उपलब्ध कराया जा रहा है और बाजार में सुधा ब्रांड के नवीन
उत्पाद उतारे जा रहे हैं।
राज्य दुग्ध सहकारी महासंघ लिमिटेड
(कॉम्फेड) की स्थापना वर्ष 1983 में ऑपरेशन फ्लड कार्यक्रम के अंतर्गत की
गई थी। वर्तमान में 31 जिलों में आठ दुग्ध संघ कार्यरत हैं, जबकि शेष सात
जिलों में दुग्ध संग्रहण सीधे कॉम्फेड द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में
प्रतिदिन 18 लाख लीटर पाउच दूध तथा 3.5 लाख लीटर दुग्ध उत्पाद तैयार किए जा
रहे हैं। सुधा के दूध एवं दूध उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए राज्यभर
में 37,000 खुदरा विक्रय केंद्र और 914 होल-डे-मिल्क बूथ संचालित किए जा
रहे हैं।
नालंदा डेयरी में यूएचटी सुविधा स्थापित होने के बाद सुधा
अब देशभर में लंबी शेल्फ लाइफ वाले दूध उत्पादों की आपूर्ति कर रहा है।
वर्तमान में टेट्रा पैक दूध असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा,
अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम सहित कई राज्यों में उपलब्ध है और इसकी आपूर्ति
भारतीय सेना को भी की जा रही है। इसके अतिरिक्त उत्पादों का विपणन दिल्ली
और कोलकाता सहित विभिन्न मेट्रो शहरों में भी किया जा रहा है। मार्च 2025
में कॉम्फेड ने 5 मीट्रिक टन घी अमेरिका और 8 मीट्रिक टन गुलाबजामुन कनाडा
को निर्यात किया है।
सुधा ब्रांड के तहत घी, पनीर, दही, पेड़ा, टेबल
बटर, आइसक्रीम, रसगुल्ला, बलूशाही, लस्सी, फ्लेवर्ड मिल्क समेत कई उत्पाद
निर्मित किए जा रहे हैं। ताजे उत्पादों के साथ-साथ टिन पैक उत्पादों की
शेल्फ लाइफ अधिक होने के कारण उनकी मांग बढ़ी है।
निरीक्षण के दौरान
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की अपर मुख्य सचिव एवं कॉम्फेड अध्यक्ष डॉ.
एन. विजयलक्ष्मी, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ. गोपाल सिंह,
मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक शीर्षत
कपिल अशोक, पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम., तथा पटना डेयरी
प्रोजेक्ट के प्रबंध निदेशक रूपेश राज सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।