महाकुम्भनगर। इस बार का महाकुम्भ कई क्षेत्रों में रिकार्ड बनाने के
लिए संकल्पित है। कुम्भ क्षेत्र में पहली बार 1251 कुण्डों पर 1251 यजमान
विश्व शांति कल्याण के लिए यज्ञ करेंगे। यह महाकुम्भ क्षेत्र का सबसे बड़ा
यज्ञ मण्डप है। यह रिकार्ड विश्व प्रसिद्ध संत श्री त्रिदंडी स्वामी के
शिष्य श्री जीयर स्वामी महाराज के सेक्टर नम्बर-8 में शिविर में देखने को
मिलेगा। श्री जीयर स्वामी महाराज ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि श्री
लक्ष्मीनारायण महायज्ञ महाकुंभ का सबसे बड़ा यज्ञ होगा। यह 06 फरवरी से
शुरू होकर 12 फरवरी तक चलेगा। इसके लिए यज्ञशाला तैयार हो रहा है। जिसमें
1251 विद्वान आचार्य, करीब 100 यज्ञाचार्य तथा 25 सौ पति-पत्नी यजमान यज्ञ
कुण्ड पर बैठकर विश्व शांति कल्याण के लिए हवन और आहुति देकर कामना करेंगे।
श्री जीयर स्वामी जी महाराज के मीडिया प्रभारी अखिलेश बाबा ने
बताया कि यज्ञ मंडप का काम युद्ध स्तर पर जारी है। यज्ञ मंडप का कार्य 20
दिसम्बर से शुरू है, जो लगातार चल रहा है, जिसमें 60 दक्ष मिस्त्री तथा
करीब 100 से अधिक मजदूर यज्ञशाला को तैयार कर रहे हैं। इस यज्ञशाला को
तैयार करने में 01 हजार बांस तथा 03 हजार बल्लियां तथा 50 हजार ईंट का
उपयोग किया जा रहा है। श्री जीयर स्वामी महाराज ने कहा कि प्रयागराज मुक्ति
का केंद्र है। यहां प्रयागराज में प्रवेश करने मात्र से पापों से मुक्ति
मिल जाती है और जो त्रिवेणी संगम पर स्नान कर लेता है उसको मोक्ष की
प्राप्ति हो जाती है। उन्होंने बताया कि जिसके जीवन का सौभाग्य होता है वह
मनुष्य प्रयागराज में स्नान करने आता है। उन्होंने कहा कि विषम
परिस्थितियों में भी अपनी मर्यादा का परित्याग नहीं करना चाहिए। सुख और दुख
जीवन के साथी हैं यह आते-जाते रहते हैं। इससे मनुष्य को विचलित नहीं होना
चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीमन नारायण प्रभु का ध्यान करने से सभी पापों से
मुक्ति मिल जाती है तथा समस्याओं का समाधान हो जाता है।