कोलकाता, 21 मार्च । पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चुनाव आयोग ने बड़े पैमाने पर केंद्रीय बलों की तैनाती का फैसला किया है। राज्य में चुनाव के दोनों चरणों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, इंडिया रिजर्व बटालियन तथा अन्य राज्यों की सशस्त्र पुलिस की कुल 2,400 कंपनियां तैनात की जाएगी।
चुनाव आयोग द्वारा शुक्रवार रात जारी अधिसूचना के अनुसार यह जानकारी दी गई है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। इसके काफी पहले केंद्रीय बलों की तैनाती कर दी जाएगी।
अधिसूचना में यह भी बताया गया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान “तार्किक विसंगति” श्रेणी में न्यायिक जांच के लिए भेजे गए मामलों की पहली पूरक सूची अब 23 मार्च को प्रकाशित की जाएगी। पहले इसे 20 मार्च को जारी किया जाना था।
चुनाव से पहले ही अग्रिम तैनाती के तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 480 कंपनियां पश्चिम बंगाल पहुंच चुकी हैं।
अधिसूचना के अनुसार दूसरे चरण का मतदान समाप्त होने के बाद 200 कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए मतगणना पूरी होने तक राज्य में तैनात रहेंगी।
इसके अलावा कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा चुनाव के बाद संभावित हिंसा रोकने के लिए 500 कंपनियां अगले आदेश तक राज्य में ही रहेंगी। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद केंद्रीय बलों, इंडिया रिजर्व बटालियन तथा अन्य राज्यों की सशस्त्र पुलिस की शेष 1,700 कंपनियों को वापस बुला लिया जाएगा।
चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह केंद्रीय बलों, इंडिया रिजर्व बटालियन, राज्य सशस्त्र पुलिस और मुख्य बल समन्वयक के साथ मिलकर विस्तृत तैनाती योजना तैयार करे।
केंद्रीय बलों की आवाजाही और तैनाती का समन्वय केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल द्वारा किया जाएगा। सीआरपीएफ पश्चिम बंगाल सेक्टर के महानिरीक्षक शलभ माथुर को चुनाव के लिए राज्य बल समन्वयक नामित किया गया है।
अधिसूचना में राज्य सरकार से कहा गया है कि बलों की आवश्यकता के अनुसार परिवहन, रसद, आवास तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
पश्चिम बंगाल विस चुनाव: दो चरणों में 2,400 केंद्रीय बल कंपनियों की तैनाती, आयोग की तैयारी तेज





