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डिजिटल हेल्थ सेवाओं में बिहार अग्रणी, ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंची तकनीक: मंगल पाण्डेय


आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन बिहार कॉन्क्लेव 2.0 का शुभारंभ

पटना,   बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से पटना में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला “आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन बिहार कॉन्क्लेव 2.0” का विधिवत उद्घाटन मंगलवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने किया।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बिहार डिजिटल हेल्थ सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है और अब ये सेवाएं शहरी क्षेत्रों से आगे बढ़कर ग्रामीण इलाकों तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं। डिजिटल तकनीक के माध्यम से आम नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं और दवाओं से जुड़ी जानकारी सरल, पारदर्शी और सुलभ रूप में उपलब्ध हो रही है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य राज्य में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भावी कार्ययोजना और रणनीति पर विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करना है, जिससे कि नागरिकों को बेहतर और तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

मंगल पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। स्कैन एंड शेयर प्रणाली के अंतर्गत 5.26 करोड़ से अधिक टोकन का सृजन कर बिहार ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीं, राज्य में अब तक 6.11 करोड़ आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी बनाई जा चुकी हैं, जिसके साथ बिहार देश में चौथे स्थान पर है।

उन्होंने बताया कि 6.17 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार कर बिहार ने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के तहत संचालित “भव्या” परियोजना को ग्लोबल डिजिटल हेल्थ समिट (जीडीएचएस) 2024 में इनोवेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि स्वास्थ्य पेशेवर रजिस्ट्री (एचपीआर) के तहत 47,786 स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को पंजीकृत किया गया है और स्वास्थ्य सुविधा रजिस्ट्री (एचएफआर) के तहत 29,288 स्वास्थ्य संस्थानों को पंजीकृत किया गया है। इसके अलावा, डिजिटल स्वास्थ्य प्रोत्साहन योजना (डीएचआईएस) के तहत 7,835 सरकारी अस्पताल पंजीकृत हैं और अब तक 37.60 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का दावा किया जा चुका है, जो देश में सबसे अधिक है।

उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के माध्यम से बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हो रहा है। अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों को बिहार भेजा जा रहा है, ताकि वे यहां लागू डिजिटल हेल्थ मॉडल का अध्ययन कर सकें, जो राज्य के लिए गर्व की बात है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि बिहार अब केवल योजनाओं का सहभागी राज्य नहीं रहा, बल्कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में देश का नेतृत्व कर रहा है। आभा आईडी के माध्यम से मरीजों को अब कागजी जांच रिपोर्ट और पर्चियां लेकर भटकने की आवश्यकता नहीं होगी।