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आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर जमुई व्यवहार न्यायालय में मंथन


मुकेश कुमार/ब्यूरो चीफ 

पटना(बिहार)।प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष संदीप सिंह के निर्देशानुसार,जमुई व्यवहार न्यायालय स्थित 'न्याय सदन' के प्रशाल में मजिस्ट्रेट कोर्ट के पीठासीन पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बीते 9 मई को संपन्न हुई राष्ट्रीय लोक अदालत की समीक्षा करना और 12 सितंबर को होने वाली आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए ठोस रणनीति तैयार करना था।

•सुल्हनीय मामलों के चयन और प्रचार पर जोर•

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी(CJM)दिलीप कुमार राय ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि न्यायालयों में लंबित सुल्हनीय(Compromisable) मामलों का चयन तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए।संबंधित पक्षकारों को नोटिस और सूचना भेजने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।लोक अदालत की सफलता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार को प्राथमिकता दी जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
विवादों के त्वरित समाधान के लिए 'प्री-सिटिंग' (Pre-sitting)के माध्यम से मामलों को सुलझाने का प्रयास करें।
•सरकारी विभागों से लचीले रुख की अपील•

जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मंजूश्री कुमारी ने बैठक में कहा कि अगले लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमें अभी से सक्रिय होना होगा।उन्होंने विशेष रूप से सरकारी विभागों से आग्रह किया कि वे जनहित में मामलों के निस्तारण के दौरान लचीला रुख अपनाएं ताकि समझौते की गुंजाइश बढ़ सके।बैठक में उन मामलों पर भी गंभीरता से चर्चा की गई जो पिछली लोक अदालत में किन्हीं कारणों से निष्पादित नहीं हो सके थे।

•बैठक में उपस्थित न्यायिक पदाधिकारी•

इस उच्चस्तरीय बैठक में जिले के कई वरिष्ठ न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे,जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे,

•गौतम कुमार(ACJM प्रथम)

•अनुभव रंजन(अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी)

•मेधा मनीषा,निवेदिता कुमारी,सौम्या सुमन(न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी)

•शशि शेखर,ज्ञान प्रकाश,अतुल रत्ना,गौरव कुमार एवं अन्य।

•महत्वपूर्ण जानकारी•

यदि आपका कोई मामला आपसी समझौते के योग्य है,तो आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में उसका निस्तारण कराकर समय और धन की बचत कर सकते हैं।