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मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा: बिना काम किए निकाल लिए लाखों रुपये,ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से की शिकायत


•जांच के दायरे में जेई मनरेगा•

रांची एक्सप्रेस ब्यूरो टीम 

पटना(बिहार)।बिहार के जमुई जिले के ग्राम पंचायत राज इस्लामनगर (और निकटवर्ती ग्राम मानिकपुर)में मनरेगा योजना के तहत बिना कोई वास्तविक कार्य कराए लाखों रुपये की अवैध निकासी का एक बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीधे मुख्यमंत्री को लिखित आवेदन देकर उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
आवेदनकर्ता विजय कुमार एवं अन्य पंचायत वासियों का आरोप है कि धरातल पर बिना कोई काम किए या सिर्फ कागजी खानापूर्ति (जैसे घास-पतवार छीलकर)करके सरकारी खजाने से मोटी रकम साफ कर दी गई है।

•फर्जीवाड़े का पूरा खेल: एक ही काम,अलग-अलग नाम•

शिकायत पत्र में एक के बाद एक कुल 12 योजनाओं में हुई धांधली का सिलसिलेवार ब्यौरा दिया गया है,जिसमें सबसे चौंकाने वाले तरीके अपनाए गए हैं:

•खेल मैदान के सौंदर्यीकरण में लूट: 

इस्लामनगर ग्राम में खेल मैदान के सौंदर्यीकरण कार्य(योजना कोड: `0550010005/WC 20418878`)के नाम पर बिना कोई काम किए लगभग ₹7,50,000(साढ़े सात लाख रुपये)अवैध रूप से निकाल लिए गए।

•फर्जी पोखर खुदाई: 

पंचायत में एक भी खेत पोखरा का निर्माण नहीं हुआ,लेकिन पंचवर्षीय कार्य(2021-2025)के तहत करीब ₹45,00000(पैंतालीस लाख रुपये)की अवैध निकासी कर ली गई।

•एक ही पईन को 5 बार दिखाकर ₹45 लाख का गबन:
लगभग 4000 फीट लंबी एक ही पईन(नहर/नाला)का नाम बार-बार बदलकर पांच अलग-अलग योजनाएं बनाई गईं।कागजों पर इस्लामपुर और मानिकपुर के अलग-अलग किसानों के खेतों के नाम दर्ज कर ₹45,00000 निकाल लिए गए।नियमानुसार कार्यस्थल पर कोई सूचना पट्ट भी नहीं लगाया गया।

•जल जीवन हरियाली में भी सेंध:

मानिकपुर में उपरेली आहर की खुदाई के नाम पर(जो पहले से जल जीवन हरियाली योजना के तहत था)बिना कोई नया काम किए ₹90,000 निकाल लिए गए।

•एक आहर को दो योजनाएं बताया: 

मानिकपुर के जोगी आहर और खजुरिया आहर के नाम पर एक ही आहर को दो अलग योजनाएं दिखाकर करीब ₹9,00,000(नौ लाख रुपये)का चूना लगाया गया।

•शिकायत के बाद भी अधिकारी मौन

ग्रामीणों का कहना है कि इस महाघोटाले की शिकायत ब्लॉक(प्रखंड)मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक ईमेल और लिखित आवेदन के जरिए कई बार की गई,लेकिन स्थानीय प्रशासन ने आज तक न तो कोई जांच की और न ही दोषियों पर कोई कार्रवाई हुई।अधिकारियों की इसी कथित मिलीभगत और सुस्ती से तंग आकर अब सीधे मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई गई है।

[•ग्रामीणों की मांग:
हम सभी इस्लामनगर पंचायत वासी माननीय मुख्यमंत्री जी से नम्र निवेदन करते हैं कि इन सभी योजनाओं की मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच कराई जाए और सरकारी धन का गबन करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों व बिचौलियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।]
गौरतलब है कि मनरेगा योजना में ई.अलीगंज प्रखंड में लूट खसोट की संस्कृति भ्रष्ट अधिकारियों की उदार नीति के कारण कुकुरमुत्ते की तरह फैल चुकी हैं।अक्सर शिकायतों की लीपापोती कर दी जाती हैं।आपको बता दे कि इस संदर्भ में मनरेगा के आलाधिकारियों ने उच्च स्तरीय जांच कर कार्रवाई करने की बात कही हैं।