सीतामढ़ी ₹1.45 लाख घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुए नगर परिषद के कनीय अभियंता,निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई
मुकेश कुमार/ब्यूरो चीफ
पुपरी(सीतामढ़ी)।बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है।शुक्रवार को निगरानी विभाग की टीम ने सीतामढ़ी जिले के नगर परिषद कार्यालय,जनकपुर रोड(पुपरी)में छापेमारी कर कनीय अभियंता(Junior Engineer)विजय कुमार शर्मा को 1,45,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
•बिल पास करने के बदले मांगी थी मोटी रकम•
मामले का खुलासा तब हुआ जब परिवादी मुरली मनोहर(पिता-शंभू प्रसाद)ने पटना स्थित निगरानी ब्यूरो के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।शिकायत के अनुसार
परिवादी द्वारा नगर परिषद पुपरी में दो महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण किए जा चुके थे,जिनका कुल बिल ₹1,68,79,600(करीब 1.69 करोड़)भुगतान के लिए लंबित था।कनीय अभियंता विजय कुमार शर्मा ने इन पुराने बिलों के भुगतान और भविष्य में नए कार्य आवंटित करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।
•सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल•
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की जांच की,जिसमें रिश्वत मांगे जाने के प्रमाण सही पाए गए।इसके तुरंत बाद पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार-1 के नेतृत्व में एक विशेष 'धावादल' (Trapping Team)का गठन किया गया।शुक्रवार को जैसे ही कनीय अभियंता ने कार्यालय परिसर में रिश्वत की राशि स्वीकार की,पहले से मुस्तैद टीम ने उन्हें दबोच लिया।
आंकड़ों में भ्रष्टाचार पर प्रहार(वर्ष 2026)
निगरानी विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार,भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान इस साल काफी तेज रहा है,
कुल एफआईआर:
यह साल 2026 की 57वीं प्राथमिकी है।
ट्रैप केस:इस साल का यह 52वां ट्रैप मामला है।
गिरफ्तारियां:अब तक कुल 50 अभियुक्त रंगे हाथों गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
कुल बरामदगी:इस वर्ष अब तक रिश्वत की कुल ₹20,41,200 राशि बरामद की गई है।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार अभियंता को पूछताछ के बाद मुजफ्फरपुर स्थित माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी)में पेश किया जाएगा।इस गिरफ्तारी के बाद नगर परिषद कार्यालय में हड़कंप मच गया है।निगरानी विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।





