कोलहान यूनिवर्सिटी के पीएचडी, यूजीसी-नेट एवं जेआरएफ उत्तीर्ण 36 अभ्यर्थी सम्मानित
चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में शनिवार को कोल्हान विश्वविद्यालय के पीएचडी, यूजीसी-नेट एवं जेआरएफ उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया। समारोह में उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले कुल 36 अभ्यर्थियों को सम्मानित किया गया।
समारोह में 8 जेआरएफ, 17 यूजीसी-नेट एवं 11 पीएचडी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को उपायुक्त श्री मनीष कुमार द्वारा अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, डायरी एवं कलम प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
उच्च शिक्षा में सफलता पूरे जिले के लिए गौरव : उपायुक्त
उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में जिले के युवाओं की यह उपलब्धि पूरे पश्चिमी सिंहभूम के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इन सफलताओं के पीछे अभ्यर्थियों की प्रतिभा के साथ-साथ निरंतर परिश्रम, अनुशासन, धैर्य और दृढ़ संकल्प की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत उन्नति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के विकास और सकारात्मक परिवर्तन की आधारशिला है। सफल अभ्यर्थियों को अपने ज्ञान एवं शोध क्षमता का उपयोग समाजहित में करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक योगदान देना चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि आज सम्मानित किए जा रहे अभ्यर्थियों की उपलब्धियां जिले के अन्य विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने सफल अभ्यर्थियों से अपने अनुभव, अध्ययन की रणनीति एवं सफलता की यात्रा को अन्य विद्यार्थियों के साथ साझा करने की अपील की, ताकि जिले के अधिक से अधिक युवा उच्च शिक्षा, शोध एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित हो सकें।
मातृभाषा में परिचय से दिखी जिले की भाषाई विविधता
समारोह के दौरान उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने हो एवं संथाली भाषा से जुड़े अभ्यर्थियों से अपनी मातृभाषा में परिचय देने का आग्रह किया। अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक अपनी मातृभाषा में अपना परिचय दिया। इस दौरान उपायुक्त ने भी उसी भाषा में संवाद करते हुए अभ्यर्थियों का उत्साहवर्धन किया।
इस आत्मीय संवाद ने समारोह में स्थानीय भाषाओं एवं सांस्कृतिक विविधता के सम्मान को विशेष रूप से रेखांकित किया। उपायुक्त ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम की समृद्ध भाषाई एवं सांस्कृतिक विरासत जिले की विशिष्ट पहचान है। युवाओं को उच्च शिक्षा एवं शोध के साथ-साथ स्थानीय भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।
सकारात्मक शैक्षणिक माहौल सफलता की बड़ी प्रेरणा : स्थापना उपसमाहर्ता
स्थापना उपसमाहर्ता श्री कुमार हर्ष ने अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब वे रांची में अध्ययनरत थे, उस समय नेट एवं जेआरएफ उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थी बहुत कम देखने को मिलते थे। बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान उन्होंने देखा कि वहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी नेट एवं जेआरएफ जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएं उत्तीर्ण कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि वहां के सकारात्मक शैक्षणिक माहौल और अपने आसपास के विद्यार्थियों की उपलब्धियों को देखकर उनका उत्साह बढ़ा और उन्हें भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। इसी प्रेरणा के परिणामस्वरूप उन्होंने स्वयं जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण की।
श्री कुमार हर्ष ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता में उसके आसपास का शैक्षणिक वातावरण, सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और साथियों की उपलब्धियों से मिलने वाली प्रेरणा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार का उत्साहवर्धक वातावरण उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में अनुभव किया, वैसा ही सकारात्मक एवं शोधोन्मुख वातावरण वे कोल्हान विश्वविद्यालय में भी विकसित होते देखना चाहते हैं, जहां अधिक से अधिक विद्यार्थी नेट, जेआरएफ एवं अन्य उच्च स्तरीय परीक्षाओं में सफलता हासिल करें।
कुलपति ने उपायुक्त के प्रति जताया आभार
इस अवसर पर कोल्हान विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने सभी सफल अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित करना और उनका उत्साहवर्धन करना अत्यंत सराहनीय पहल है।
कुलपति ने उपायुक्त श्री मनीष कुमार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय के सफल शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को आमंत्रित कर सम्मानित किया तथा उनकी उपलब्धियों को प्रोत्साहन दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का सम्मान विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।
प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता ने कहा कि कोल्हान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की ये उपलब्धियां विश्वविद्यालय के लिए भी गौरव का विषय हैं। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अपने ज्ञान एवं उपलब्धियों के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
समारोह में सहायक समाहर्ता सुश्री ईरा जोरवाल, स्थापना उपसमाहर्ता श्री कुमार हर्ष, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री प्रवीण कुमार, कोल्हान विश्वविद्यालय से प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता, डॉ. मीनाक्षी मुंडा, डॉ. सुनीता कुमारी एवं श्री कंचन कच्छप सहित पीएचडी, यूजीसी-नेट एवं जेआरएफ उत्तीर्ण अभ्यर्थी उपस्थित रहे।






