दिनांक 5 सितम्बर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर करीम सिटी कॉलेज, जमशेदपुर के हिंदी विभाग द्वारा “AI और शिक्षकों की भूमिका” विषय पर एक विभागीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव तथा शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की बदलती और महत्वपूर्ण भूमिका से परिचित कराना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुभाष सर की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने AI के वर्तमान दौर में शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलावों तथा शिक्षकों की भूमिका के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक का उपयोग ज्ञानवर्धन एवं रचनात्मक कार्यों के लिए जिम्मेदारीपूर्वक करने के लिए प्रेरित किया।
प्राध्यापिका डॉ. संध्या सिन्हा ने विषय-प्रवेश कराते हुए AI की उपयोगिता, संभावनाओं तथा शिक्षा के क्षेत्र में उसके प्रभाव को सरलता से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि AI शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक हो सकता है, लेकिन शिक्षक का मानवीय मार्गदर्शन, संवेदनशीलता और मूल्य-निर्माण की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
कार्यक्रम के अंत में प्राध्यापक डॉ. फिरोज आलम ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उनका मार्गदर्शन किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से अपने विचार व्यक्त किए। जिनमें शामिल सुशांत बोबोंगा,किशन महतो, सिद्धार्थ कुमार, शर्मिला सिंकु थे।उन्होंने AI के लाभ, चुनौतियों तथा शिक्षा के क्षेत्र में इसके संभावित प्रभावों पर अपने विचार साझा किए। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता से संगोष्ठी संवादात्मक एवं ज्ञानवर्धक बनी।
संगोष्ठी ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया कि AI शिक्षकों का विकल्प मात्र नहीं, बल्कि उचित मार्गदर्शन के साथ शिक्षा को बेहतर बनाने का एक प्रभावी साधन हो सकता है। कार्यक्रम का संचालन सुशांत बोबोंगा ने किया।







