BREAKING NEWS

logo

Advertisement
Advertisement

मानदेय बढ़ोतरी समेत छह सूत्री मांगों को लेकर बीडीओ को सौंपा गया ज्ञापन


हुसैनाबाद: कृष्णा यादव 

हुसैनाबाद/पलामू: जेएसएलपीएस के सदस्य हुसैनाबाद की ओर से प्रखंड विकास पदाधिकारी  को कैडरों के मानदेय में बढ़ोतरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर मांग-पत्र सौंपा गया। मांग-पत्र में जेएसएलपीएस के विभिन्न कैडरों ने बढ़ती महंगाई और कार्य के अनुरूप वर्तमान मानदेय को अपर्याप्त बताते हुए सम्मानजनक मानदेय निर्धारित करने की मांग की है।कैडरों ने कहा कि वे गांवों में स्वयं सहायता समूहों, आजीविका गतिविधियों और सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में लगातार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। मांग-पत्र में कहा गया है कि कई वर्षों से सेवा देने के बावजूद मानदेय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है। निर्धारित कार्य के अलावा भी कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां कैडरों से ली जाती हैं, लेकिन उसके अनुरूप अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाता।
मांग-पत्र में कुशल कैडर का मानदेय कम से कम 800 रुपये प्रतिदिन तथा अकुशल कैडर का मानदेय 400 रुपये प्रतिदिन करने की मांग की गई है। साथ ही यात्रा भत्ता, अन्य भत्ते तथा अतिरिक्त कार्य के लिए अतिरिक्त भुगतान की व्यवस्था करने की मांग रखी गई है।
छह प्रमुख मांगें 
सभी कैडरों के मानदेय में महंगाई के आधार पर 100 प्रतिशत वृद्धि की जाए।
मानदेय का भुगतान कैडरों के व्यक्तिगत बैंक खाते में DBT के माध्यम से किया जाए।
प्रत्येक महीने की 10 तारीख तक मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
आने-जाने के ट्रैवल खर्च एवं मोबाइल खर्च को मानदेय में जोड़ा जाए।
कार्य विस्तार 60 वर्ष की उम्र तक कराया जाए।
सभी कैडरों को 20 लाख रुपये का जीवन बीमा दिया जाए।
कैडर संघ ने मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है तो कैडरों को अपने निर्धारित कार्यों के अतिरिक्त अन्य कार्यों में सहयोग करने में कठिनाई होगी।
जेएसएलपीएस से जुड़े कैडरों की ओर से इससे पहले भी मानदेय बढ़ाने और कार्य के अनुरूप भुगतान की मांगें विभिन्न स्थानों पर उठती रही हैं। हाल में भवनाथपुर में भी जेएसएलपीएस कैडरों के मानदेय में बढ़ोतरी समेत अन्य मांगों को लेकर बीडीओ को मांग-पत्र सौंपे जाने की खबर सामने आई थी।
कैडर संघ ने प्रशासन से मांगों पर जल्द निर्णय लेकर ग्रामीण स्तर पर कार्य कर रहे कैडरों को राहत देने की अपील की है।