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युवाओं के न्याय की लड़ाई में भाजपा पूरी मजबूती से उनके साथ


विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट करने को भाजपा ने बताया तानाशाही शासन का प्रतीक, सांसद विद्युत महतो ने कहा- छात्रों की आवाज को लाठी-डंडों और राजनीतिक संरक्षण के बल पर दबा नहीं सकती हेमंत सरकार

● युवाओं के न्याय की लड़ाई में भाजपा पूरी मजबूती से उनके साथ

जमशेदपुर। छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक आंदोलन के खिलाफ राज्य के विभिन्न जिलों में हुई मारपीट, राजनीतिक गुंडागर्दी और पुलिसिया कार्रवाई को लेकर शनिवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर के साकची स्थित जिला भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने झामुमो-कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लाठी-डंडे, पुलिसिया दमन और राजनीतिक संरक्षण के बल पर हेमंत सरकार युवाओं की आवाज को दबा नहीं सकती। सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि रांची, हजारीबाग, गिरिडीह सहित राज्य के विभिन्न जिलों में अपने अधिकारों, रोजगार, परीक्षा में पारदर्शिता और नियुक्ति प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ जिस प्रकार की मारपीट की गई, वह बेहद निंदनीय और लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं द्वारा आंदोलनकारी छात्रों, यहां तक कि बहन-बेटियों के साथ भी हाथापाई और हिंसा किया जाना झारखंड की राजनीतिक संस्कृति के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रेस वार्ता में भाजपा जमशेदपुर महानगर के जिला प्रभारी बबन गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष संजीव सिंह एवं जिला मीडिया प्रभारी प्रेम झा भी मौजूद रहे।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर आंदोलनकारी छात्रों से सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ता क्यों भिड़े? अलग-अलग जिलों में एक ही समय पर छात्रों के साथ हिंसा की घटनाएं सामने आना महज संयोग है या इसके पीछे कोई सुनियोजित रणनीति है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशा सन की भूमिका की भी जांच आवश्यक है। पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि सत्ता के संरक्षण में राजनीतिक कार्यकर्ताओं को कानून हाथ में लेने की छूट देना। सांसद ने कहा कि झारखंड के छात्र कोई विशेष सुविधा नहीं मांग रहे हैं। वे केवल परीक्षाओं में पारदर्शिता, नियुक्तियों में निष्पक्षता, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई और अपने भविष्य के साथ न्याय की मांग कर रहे हैं। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना अपराध नहीं है। छात्रों के सवालों का जवाब लाठी से देना सरकार की हताशा और संवेदनहीनता को दर्शाता है। 

उन्होंने कहा कि राज्य की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सरकार यदि जवाब देने के बजाय दमन, पुलिसिया कार्रवाई और राजनीतिक संरक्षण का सहारा लेगी, तो इससे सवाल खत्म नहीं होंगे, बल्कि सरकार की नीयत पर संदेह और गहरा होगा। यदि सरकार को अपनी पारदर्शिता और जांच प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है, तो वह स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच से क्यों घबरा रही है?

विद्युत वरण महतो ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार की नीतियों और भर्ती प्रक्रियाओं में धांधली, भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं ने झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। युवाओं के वर्षों की मेहनत और सपनों के साथ खिलवाड़ करने वाली व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। ऐसे में सत्ता के अहंकार में चूर झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी का झंडा लेकर छात्रों के साथ मारपीट करना और बेसबॉल बैट, हॉकी तथा लाठी जैसे सामानों के साथ धमकाने की घटनाएं अत्यंत गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर लेकर शांतिपूर्ण विरोध कर रहे छात्रों पर हमला करना ऐसे लोगों के दोहरे चरित्र को उजागर करता है, जो कभी आंदोलन और संघर्ष की राजनीति का दावा करते हैं। लोकतंत्र में पुतला दहन, धरना, प्रदर्शन और हड़ताल जैसे शांतिपूर्ण विरोध संवैधानिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। इन्हें राजनीतिक संरक्षण में दबाने का प्रयास किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सांसद विद्युत महतो ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो कांग्रेस नेता देशभर में खुद को छात्रों और युवाओं का हितैषी बताते हैं, वे झारखंड में छात्रों के साथ हो रही घटनाओं पर मौन क्यों हैं? जो नेता हर राजनीतिक मंच से संविधान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की बात करते हैं, वे झारखंड के युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों के कथित हनन पर चुप क्यों हैं? क्या संविधान की चिंता केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित है, या झारखंड के युवाओं के अधिकारों के लिए भी कांग्रेस नेतृत्व आवाज उठाएगा? उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से झारखंड के युवाओं के सवालों पर अपना मौन तोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि सत्ता किसी भी दल की हो, लोकतंत्र और संविधान से ऊपर कोई सरकार नहीं हो सकती। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ और उनकी लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का कोई भी प्रयास भाजपा स्वीकार नहीं करेगी।

सांसद विद्युत वरण महतो ने साफ शब्दों में कहा कि हेमंत सरकार यह भ्रम अपने मन से निकाल दे कि लाठी के बल पर युवा शक्ति के आक्रोश को दबाया जा सकता है। जितना दमन होगा, उतनी ही मजबूती से युवाओं की आवाज उठेगी। झारखंड का युवा अपने भविष्य, रोजगार और न्याय के सवाल पर पीछे हटने वाला नहीं है।

उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि भर्ती परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और छात्रों के साथ हुई हिंसा की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। जांच के दायरे में बड़े नेताओं से लेकर कई वरीय अधिकारियों तक की भूमिका को भी शामिल किया जाना चाहिए, जिससे सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए। सत्ता के संरक्षण में कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

सांसद विद्युत महतो ने कहा कि सरकार को दमन का रास्ता छोड़कर संवाद और समाधान का रास्ता अपनाना होगा। झारखंड के युवाओं की आवाज को लाठी से नहीं दबाया जा सकता और उनके हर सवाल का जवाब सरकार को देना ही होगा। सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि छात्रों की मांगों, उनके अधिकारों और न्याय की इस लड़ाई में भाजपा पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है। युवाओं के लोकतांत्रिक संघर्ष को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा और उनके न्याय की आवाज को हर मंच पर बुलंद किया जाएगा।