नई दिल्ली, 09 फ़रवरी (हि.स.)। कांग्रेस के संगठन महासचिव एवं लोकसभा सदस्य केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को सत्तापक्ष पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसदीय नियमों के अनुसार नेता प्रतिपक्ष ‘छाया प्रधानमंत्री’ होते हैं, लेकिन राहुल गांधी को सदन में बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। वेणुगोपाल ने संसद भवन परिसर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में इंडी गठबंधन के नेताओं की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष भारत-अमेरिका व्यापार समझौते जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना चाहता था, लेकिन उसे इसकी अनुमति नहीं दी गई। उनके अनुसार सरकार संसद को केवल अपने पक्ष के लिए सुरक्षित रखना चाहती है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार या स्पीकर को संसद संचालन में कोई विशेष रुचि नहीं है। वहीं, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने संसद को देश की सबसे बड़ी पंचायत बताते हुए कहा कि लोकसभा अध्यक्ष का पद निष्पक्षता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ संभावित अविश्वास प्रस्ताव के सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्ष ऐसा कदम तब उठाता है, जब वह अत्यधिक निराश और हताश होता है। इससे पहले सुबह विपक्ष के आठ निलंबित सांसदों ने अपने निलंबन के विरोध में संसद भवन के मकर द्वार के पास प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शशि थरूर, राजीव शुक्ला और प्रमोद तिवारी सहित कई सांसद शामिल हुए। सांसदों ने हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर विरोध जताया, जिन पर लिखा था— “आप हमें निलंबित कर सकते हैं, पर हमें चुप नहीं करा सकते।






