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डीपीएस रांची ने एआई, वीआर, रोबोटिक्स एवं भविष्य उन्मुख शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के साथ किया समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर


भविष्य उन्मुख शिक्षा को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दिल्ली पब्लिक स्कूल, सेल टाउनशिप, रांची ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम), धनबाद के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह ऐतिहासिक सहयोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई), वर्चुअल रियलिटी (वीआर), रोबोटिक्स, नवाचार तथा भविष्य के कौशल आधारित शिक्षा के क्षेत्रों में विद्यार्थियों के समग्र विकास के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

यह साझेदारी एक परिवर्तनकारी शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को तेजी से विकसित हो रही तकनीकी दुनिया में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। इस सहयोग के अंतर्गत डीपीएस रांची में अत्याधुनिक एआई, वीआर एवं रोबोटिक्स इनोवेशन लैब की स्थापना की जाएगी, जहाँ विद्यार्थियों को अनुभवात्मक एवं सहभागी शिक्षण के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा। साथ ही, उनमें रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, अनुसंधान, नवाचार तथा समस्या-समाधान जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं का विकास किया जाएगा।

इस अवसर को और भी गौरवपूर्ण बनाते हुए डीपीएस रांची की आदरणीय प्राचार्या डॉ. जया चौहान को आईआईटी (आईएसएम), धनबाद के प्रबंधन द्वारा उनके दूरदर्शी नेतृत्व तथा विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान विद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार तथा समग्र विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

इस ऐतिहासिक सहयोग पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्राचार्या डॉ. जया चौहान ने कहा, "आईआईटी (आईएसएम), धनबाद के साथ यह साझेदारी हमारे लिए भविष्य उन्मुख शिक्षण वातावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। डीपीएस रांची में हमारा विश्वास है कि शिक्षा विद्यार्थियों को केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि 21वीं सदी की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए आवश्यक कौशल, नवाचारी सोच और नेतृत्व क्षमता भी प्रदान करे। इस सहयोग के माध्यम से हमारे विद्यार्थियों को उभरती हुई प्रौद्योगिकियों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जो उन्हें जिम्मेदार नवप्रवर्तक, शोधकर्ता और भविष्य के प्रभावशाली नेता बनने के लिए प्रेरित करेगा।"