जमशेदपुर, 24 अगस्त 2026: विश्व फोटोग्राफी दिवस की पूर्व संध्या पर काशीडीह हाई स्कूल , के फोटोग्राफी क्लब द्वारा अंतर-विद्यालयीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता ‘FOTOGRAFIA 2026’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में शहर के 15 प्रमुख विद्यालयों के युवा फोटोग्राफरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस वर्ष प्रतियोगिता का विषय “मानव चेहरा: अभिव्यक्ति और भावना के बीच” रखा गया था। इस विषय के माध्यम से प्रतिभागियों को केवल चेहरे की बाहरी सुंदरता या बनावट को देखने के बजाय उसके पीछे छिपी भावनाओं, कहानियों और मनोवैज्ञानिक गहराइयों को कैमरे में कैद करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री ए.एफ. मैडॉन, प्रशासक, JEM
Foundation थे। अपने संबोधन में श्री मैडॉन ने युवा प्रतिभागियों की रचनात्मक सोच और संवेदनशील दृष्टिकोण की सराहना की तथा आज के समय में दृश्य कथाकथन (Visual
Storytelling) की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। “फोटोग्राफी केवल एक तस्वीर लेने का माध्यम नहीं है; यह उस अनदेखी कहानी को कैद करने और मानवीय भावनाओं को अभिव्यक्ति देने की कला है। आज के युवाओं ने सतह से परे देखने की असाधारण क्षमता का प्रदर्शन किया है, जहाँ उन्होंने साहित्य, मनोविज्ञान और कला को एक साथ जोड़कर प्रभावशाली तस्वीरों का सृजन किया। FOTOGRAFIA जैसे आयोजन इस बात का प्रमाण हैं कि रचनात्मक मंच विद्यार्थियों में सहानुभूति और गहन चिंतन की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” प्रतियोगिता को दो विशेष श्रेणियों में विभाजित किया गया था, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को मानवीय भावनाओं और व्यक्तित्व की अलग-अलग व्याख्या करने की चुनौती दी गई। यह श्रेणी पॉल एकमैन के Universal Emotions के सिद्धांत तथा विलियम शेक्सपियर की प्रसिद्ध कृतियों के पात्रों, जैसे Othello,
Hamlet और King
Lear, से प्रेरित थी। प्रतिभागियों ने पोर्ट्रेट फोटोग्राफी के माध्यम से मानवीय भावनाओं की सार्वभौमिक और सहज अभिव्यक्तियों को प्रस्तुत किया। यह श्रेणी कार्ल युंग की Persona और Shadow की अवधारणाओं पर आधारित थी। प्रतिभागियों ने प्रकाश और छाया तथा रचनात्मक दृश्य-कथाकथन के माध्यम से व्यक्ति की सार्वजनिक पहचान और उसके भीतर छिपी भावनात्मक वास्तविकताओं के बीच के अंतर को अभिव्यक्त किया। प्रतियोगिता में सभी तस्वीरें कार्यक्रम के दिन विद्यालय परिसर में लाइव खींची गईं। प्रतिभागियों को DSLR, मिररलेस कैमरा तथा स्मार्टफोन जैसे उपकरणों का उपयोग करने की अनुमति थी। प्रत्येक प्रविष्टि के साथ 3 से 5 वाक्यों का Artist Statement देना अनिवार्य था, जिसमें प्रतिभागियों को अपनी तस्वीर के पीछे की रचनात्मक सोच और अवधारणा को स्पष्ट करना था। प्रतियोगिता की प्रविष्टियों का मूल्यांकन शहर के प्रतिष्ठित पेशेवर फोटोग्राफरों और विजुअल स्टोरीटेलर्स के एक विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा किया गया: ·
श्री शुभम सुरवे – प्रसिद्ध फोटोग्राफर, सिनेमैटोग्राफर, निर्देशक एवं विजुअल स्टोरीटेलर ·
श्री शिवम गुप्ता – प्रसिद्ध फैशन एवं वेडिंग फोटोग्राफर ·
श्री गुरविंदर सिंह अंकित – प्रमुख फोटोग्राफर, निर्देशक एवं विजुअल स्टोरीटेलर पुरस्कार परिणाम समूह
I – “चेहरा
बोलता
है” 🥇
सर्वश्रेष्ठ
शेक्सपियरियन
व्याख्या:
विकास विद्यालय
🥇
सर्वश्रेष्ठ
भावनात्मक
अभिव्यक्ति:
केपीएस,
बर्मामाइंस
🥇
सर्वश्रेष्ठ
कहानी
कहने
वाली
तस्वीर:
एसएसआरवीएम,
घाटशिला
समूह
II – “मुखौटे
के पीछे” 🥇
सर्वश्रेष्ठ
मनोवैज्ञानिक
कथानक:
जुस्को स्कूल,
कदमा 🥇
सर्वश्रेष्ठ
वैचारिक
चित्र:
एआईडब्ल्यूसी
🥇
सर्वश्रेष्ठ
संयोजन
एवं
प्रकाश:
जुस्को स्कूल,
साउथ पार्क कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षिका सुश्री नेहा कुमारी ने किया, जबकि संपूर्ण आयोजन का समन्वय सुश्री शानिया नानरा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षकों श्री समर घोष, श्री अमित कुमार, सुश्री बिंगसती दत्ता, सुश्री दर्शना, सुश्री शालिनी, सुश्री पूजा कुमारी, सुश्री सुधा कुमारी और सुश्री मलकीत कौर का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का उद्घाटन भाषण उप-प्रधानाचार्य श्री राकेश पांडेय द्वारा दिया गया, जिन्होंने अपने संबोधन से कार्यक्रम को प्रेरणादायी दिशा प्रदान की। वरिष्ठ विद्यालय समन्वयक सुश्री बरनिता बसु ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल के सदस्यों, शिक्षकों एवं आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रधानाचार्य श्री फ्रांसिस जोसेफ ने सभी प्रतिभागी विद्यालयों, विजेता टीमों और आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शिक्षकों द्वारा किए गए अथक परिश्रम, समर्पण और प्रतिबद्धता की सराहना की। FOTOGRAFIA 2026 ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि कैमरा केवल चेहरों को कैद करने का माध्यम नहीं है, बल्कि वह उन भावनाओं, विचारों और कहानियों को भी सामने ला सकता है जो किसी चेहरे के पीछे छिपी होती हैं। फोटोग्राफी, साहित्य, मनोविज्ञान और कलात्मक अभिव्यक्ति के अनूठे संगम के रूप में FOTOGRAFIA
2026 ने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक दृष्टि को अभिव्यक्त करने के लिए एक सार्थक मंच प्रदान किया और युवा फोटोग्राफरों को देखने, समझने और महसूस करने की एक नई दृष्टि दी।विश्व फोटोग्राफी दिवस की पूर्व संध्या पर काशीडीह हाई स्कूल
में ‘FOTOGRAFIA 2026’ का भव्य आयोजन
दो श्रेणियाँ, दो अलग दृष्टिकोण
श्रेणी I – कक्षा IX–X: “The Face Speaks” — “चेहरा बोलता है”
श्रेणी II – कक्षा XI–XII: “Behind the Mask” —
“मुखौटे के पीछे”
प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल
विश्व फोटोग्राफी दिवस की पूर्व संध्या पर काशीडीह हाई स्कूल में ‘FOTOGRAFIA 2026’ का भव्य आयोजन






