मेदनीनगर चैंबर ने उपायुक्त से मिलकर उठाई शहर और कारोबारियों की ज्वलंत समस्याएं
मेदनीनगर चैंबर ने उपायुक्त से मिलकर उठाई शहर और कारोबारियों की ज्वलंत समस्याएं
होटल व्यवसाय में गैस संकट, बस स्टैंड की अव्यवस्था, अतिक्रमण और फायर ब्रिगेड की तैनाती पर हुई विस्तृत चर्चा
पलामू: मेदनीनगर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को अध्यक्ष विकास शेट्टी के नेतृत्व में उपायुक्त पलामू से शिष्टाचार मुलाकात कर शहर और व्यवसायिक समुदाय से जुड़ी कई ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने होटल एवं रेस्टोरेंट व्यवसाय में उत्पन्न संकट, बस स्टैंड परिसर की अव्यवस्था, शहर में बढ़ते अतिक्रमण, नो-पार्किंग जोन की आवश्यकता तथा फायर ब्रिगेड की त्वरित उपलब्धता जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान चैंबर अध्यक्ष विकास शेट्टी ने कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी कमी के कारण होटल एवं रेस्टोरेंट व्यवसाय गंभीर संकट से गुजर रहा है। उन्होंने बताया कि गैस आपूर्ति बाधित होने से होटल संचालकों के सामने संचालन, कर्मचारियों के वेतन, रखरखाव और अन्य खर्चों को वहन करना कठिन हो गया है। इससे व्यवसायियों के समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है।
इस पर उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में अस्पताल, हॉस्टल और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि होटल व्यवसाय की समस्या पर भी प्रशासन गंभीरता से विचार कर रहा है और समाधान के लिए प्रयासरत है।
बस स्टैंड परिसर की बदहाली पर जताई चिंता
चैंबर प्रतिनिधिमंडल ने शहर के मध्य स्थित सरकारी स्टेट बस डिपो की बदहाल स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। चैंबर की ओर से बताया गया कि पूर्व में अस्थायी रूप से थोक सब्जी विक्रेताओं को दिए गए स्थान अब स्थायी सब्जी मंडी का रूप ले चुके हैं। इससे यात्रियों के बैठने और प्रतीक्षा करने की व्यवस्था प्रभावित हुई है, परिसर में भीड़ और अव्यवस्था बढ़ी है तथा गंदगी के कारण स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी उत्पन्न हो रहे हैं।
चैंबर ने मांग की कि सब्जी विक्रेताओं को बैरिया स्थित बाजार समिति परिसर में स्थानांतरित किया जाए, ताकि बस स्टैंड की मूल व्यवस्था बहाल हो सके और यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
अतिक्रमण हटाने और नो-पार्किंग जोन घोषित करने की मांग
गर्मी के मौसम में आगजनी की संभावनाओं को देखते हुए चैंबर ने रेडमा चौक से अस्पताल चौक, आदत रोड होते हुए छहमुहान चौक तक के मुख्य मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने और नो-पार्किंग जोन घोषित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण जाम की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है, जिससे आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी सेवाओं को समय पर पहुंचने में भारी परेशानी होती है।
फायर ब्रिगेड की शहर के भीतर तैनाती की मांग
चैंबर ने यह भी मांग उठाई कि वर्तमान में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बैरिया चौक के आसपास खड़ी रहती हैं, जिससे शहर के भीतरी इलाकों में आग लगने की स्थिति में समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को शहर के भीतर या थाना परिसर में रेडी मोड में तैनात किया जाए, ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।
उपायुक्त पलामू ने चैंबर द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन व्यवसायियों और आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में चैंबर के सचिव वरुण जायसवाल सहित अनूप कुमार, मनोज कुमार सोनी, निलेश चंद्र, परिमल प्रसून, श्रीकांत कुमार, आनंद वर्धन एवं रंजीत कुमार मिश्रा सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि शहर और व्यवसायिक समुदाय से जुड़ी इन समस्याओं पर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई होगी।





