सांसद विष्णु दयाल राम ने सड़क एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं की समीक्षा की, समयबद्ध पूर्णता के दिए निर्देश
#चियांकी-बिसफुटा-बैरिया, रेड़मा सहित प्रमुख सड़कों के गड्ढे तत्काल भरने का निर्देश, राष्ट्रीय राजमार्गों पर CCTV लगाने पर दिया जोर#
पलामू : पलामू संसदीय क्षेत्र अंतर्गत सड़क एवं आधारभूत संरचना से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने तथा निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं के शीघ्र समाधान को लेकर मंगलवार को पलामू समाहरणालय सभागार में माननीय सांसद श्री विष्णु दयाल राम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में NHAI, राष्ट्रीय राजमार्ग, केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (CRIF) एवं पथ निर्माण विभाग से संबंधित विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। इस दौरान पोलपोल बाईपास, मेदिनीनगर बाईपास, छतरपुर बाईपास सहित अन्य निर्माणाधीन एवं स्वीकृत सड़क परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी ली गई।
सांसद श्री विष्णु दयाल राम ने बरसात के कारण सड़कों पर जगह-जगह बने गड्ढों को लेकर गंभीरता दिखाई। उन्होंने चियांकी-बिसफुटा-बैरिया, रेड़मा सहित प्रमुख सड़कों के गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल भरकर समतल कराने का निर्देश दिया। विशेष रूप से रेड़मा से चियांकी तक सड़क पर बने गड्ढों को एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया।
सांसद ने कहा कि सड़कें आम लोगों के आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा, “सड़कों पर आम के साथ-साथ खास लोग भी चलते हैं, ऐसे में सड़कें दुरुस्त रहें, यह हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए।” उन्होंने सड़क निर्माण एवं मरम्मती कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने तथा आम जनता को सुरक्षित एवं बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
बैठक में सड़क परियोजनाओं से संबंधित भूमि अधिग्रहण, विस्थापन, फॉरेस्ट क्लीयरेंस, अतिक्रमण एवं उपयोगिता सेवाओं के स्थानांतरण सहित विभिन्न लंबित मामलों पर भी चर्चा की गई।
पड़वा में री-एलाइनमेंट से संबंधित भूमि अधिग्रहण एवं विस्थापन की समस्या की समीक्षा के दौरान बताया गया कि कुछ लाभुकों द्वारा मुआवजा राशि प्राप्त करने के बावजूद अब तक अपने घर खाली नहीं किए गए हैं। इस पर सांसद ने NHAI के अधिकारियों को संबंधित लोगों से वार्ता कर आपसी समन्वय के माध्यम से समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सांसद ने स्पष्ट कहा कि विकास एवं निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करें, ताकि परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।
सांसद श्री राम ने राष्ट्रीय राजमार्गों के विभिन्न महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाने, यातायात व्यवस्था की निगरानी करने तथा सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने में CCTV कैमरे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उपयुक्त एवं संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर CCTV कैमरे लगाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर उपायुक्त श्री दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि सड़क एवं आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने में जिला प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण, अतिक्रमण, वन स्वीकृति एवं अन्य प्रशासनिक स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनहित से जुड़े सड़क निर्माण एवं मरम्मती कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो तथा समस्याओं का त्वरित समाधान करते हुए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराया जाए।
बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी सत्यम कुमार, अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, सहायक समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, NHAI के परियोजना निदेशक, विभिन्न विभागों के अभियंता एवं संबंधित अंचलों के अंचलाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
सड़क एवं आधारभूत संरचना की समीक्षा बैठक के पश्चात दोपहर में आयोजित DLMVC Health की बैठक में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
बैठक में जिले के विभिन्न अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता, दवा आपूर्ति, एंबुलेंस सेवा, ब्लड बैंक, चिकित्सा उपकरणों तथा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई।
सांसद श्री विष्णु दयाल राम ने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाने पर जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जिला स्वास्थ्य निगरानी समिति की बैठक अक्टूबर से दिसंबर माह के बीच पुनः आयोजित कराने की बात कही।





