रेलवे के दावों की खुली पोल: जलमग्न अंडरपास, जान जोखिम में डाल रेल लाइन पार कर स्कूल पहुंच रहे छात्र
बरसात शुरू होते ही फिर उभरी जलजमाव की समस्या, ओवरब्रिज निर्माण की मांग हुई तेज
रांची एक्सप्रेस संवाददाता बेंगाबाद।संतोष पाठक
महेशमुंडा रेलवे अंडरपास में बरसात शुरू होते ही जलजमाव की समस्या एक बार फिर गंभीर रूप ले चुकी है। अंडरपास में भरे पानी ने रेलवे विभाग के उन दावों की पोल खोल दी है, जिनमें बरसात से पहले जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कर छात्रों को राहत दिलाने का आश्वासन दिया गया था। स्थिति यह है कि निर्मला कन्या उच्च विद्यालय सहित आसपास के विद्यालयों के छात्र-छात्राएं आज भी अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार कर स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं।
कुछ माह पूर्व मधुपुर रेल मंडल के अधिकारियों ने निर्मला कन्या उच्च विद्यालय में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षकों एवं पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अंडरपास से जलजमाव की समस्या दूर करने का भरोसा दिया था। अधिकारियों ने तब तक छात्रों से रेलवे लाइन पार नहीं करने तथा अंडरपास का ही उपयोग करने की अपील की थी। छात्रों ने विभाग की अपील को स्वीकार भी किया, लेकिन समय पर कोई ठोस पहल नहीं होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ट्रेन की चपेट में आने से बाल-बाल बची छात्रा
मंगलवार सुबह बारिश के बाद जब रांची एक्सप्रेस संवाददाता ने महेशमुंडा स्टेशन का हाल लिया तो स्थिति चिंताजनक दिखाई दी। सुबह करीब 8:47 बजे कोडरमा से मधुपुर की ओर जाने वाली मालगाड़ी स्टेशन पर खड़ी थी। इसी दौरान मधुपुर से गिरिडीह जाने वाली ट्रेन सीटी बजाते हुए स्टेशन में प्रवेश कर रही थी। तभी रेनकोट पहने एक स्कूली छात्रा तेजी से रेलवे लाइन पार करने लगी। ट्रेन को नजदीक आता देख छात्रा तत्काल पीछे हट गई और एक बड़ा हादसा टल गया।
यह दृश्य इतना भयावह था कि स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और आसपास के लोगों की सांसें थम गईं। थोड़ी सी चूक किसी बड़े हादसे में बदल सकती थी। स्थिति सामान्य होने के बाद छात्रा पुनः रेलवे लाइन पार कर स्कूल की ओर रवाना हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि वर्षों से छात्र इसी तरह जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करने को विवश हैं।
ओवरब्रिज निर्माण की मांग तेज
मधवाडीह पंचायत के मुखिया मो. सिद्दीक अंसारी ने कहा कि अंडरपास में हर वर्ष जलजमाव की समस्या उत्पन्न होती है। ऐसे में स्थायी समाधान के लिए महेशमुंडा में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण ही एकमात्र विकल्प है। उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर लगातार रेलवे विभाग के समक्ष आवाज उठाई जा रही है।
वहीं गांडेय प्रखंड के विभिन्न पंचायत के प्रतिनिधियों एवं कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी ओवरब्रिज निर्माण की मांग का समर्थन करते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
हल्की बारिश में ही भर जाता है पानी
स्थानीय लोगों के अनुसार रेलवे विभाग द्वारा अंडरपास की नालियों की सफाई कर जलनिकासी की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन इसका कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है। हल्की बारिश होते ही अंडरपास पानी से भर जाता है। इस कारण छात्रों के जूते और यूनिफॉर्म गंदे हो जाते हैं, जिससे वे मजबूरी में रेलवे लाइन पार करने का जोखिम उठाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ओवरब्रिज का निर्माण या अंडरपास की जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई, तो भविष्य में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। रेलवे विभाग की उदासीनता को लेकर क्षेत्र में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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