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कांग्रेस आदिवासी महाजुटान के नाम पर धर्मांतरित आदिवासियों को गुमराह कर सामाजिक विभाजन का माहौल बना रही : रमेश बास्के


जमशेदपुर। भाजपा जमशेदपुर महानगर अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष रमेश बास्के ने 30 अगस्त, रविवार को कांग्रेस द्वारा आयोजित आदिवासी महाजुटान को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी महाजुटान के नाम पर आयोजित यह सभा वास्तव में धर्मांतरित आदिवासियों की महाजुटान थी। कांग्रेस के आदिवासी नेता अपने राजनीतिक स्वार्थ और राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए आदिवासी समाज के बीच भय और भ्रम का वातावरण पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।

रमेश बास्के ने कहा कि कांग्रेस की यह राजनीति आदिवासी समाज में सामाजिक एवं राजनीतिक द्वेष की भावना उत्पन्न करने की एक सोची-समझी साजिश है। अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए इस प्रकार की सभा आयोजित कर कांग्रेस आदिवासी समाज को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अब कांग्रेस की इस राजनीति को अच्छी तरह समझ चुका है और भय एवं भ्रम की राजनीति से प्रभावित होने वाला नहीं है।

उन्होंने कहा कि यदि आज देश में आदिवासी समाज और आदिवासी क्षेत्रों के विकास का पैमाना देखा जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि पिछले 70 वर्षों में जितना विकास आदिवासी क्षेत्रों में नहीं हुआ, उससे कहीं अधिक विकास प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल में हुआ है। केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ आज आदिवासी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है तथा आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नई गाथा लिखी जा रही है।

रमेश बास्के ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि कांग्रेस यदि वास्तव में आदिवासी समाज की हितैषी है तो उसे भय और भ्रम की राजनीति छोड़कर विकास के मुद्दे पर बात करनी चाहिए। विकास के मुद्दे पर जनता के बीच जाने से ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि आदिवासी समाज कांग्रेस को स्वीकार करता है या नकारता है।

उन्होंने कहा, “आप अगर आदिवासी को गुमराह करेंगे तो हम भी आदिवासी समाज को सही मार्ग दिखाने का काम करेंगे। आपकी नीति और नीयत आदिवासी समाज के प्रति हमेशा से खोटपूर्ण रही है, इसलिए अब आप आदिवासियों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।”

कांग्रेस की दोहरी मानसिकता पर सवाल उठाते हुए रमेश बास्के ने कहा कि पहले कांग्रेस की सरकारों के कार्यकाल में वर्ष 2008 में ओडिशा और छत्तीसगढ़ में आदिवासी आरक्षित सीटों को कम किया गया और अब कांग्रेस ही परिसीमन और आरक्षण के नाम पर विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ऐसी दोहरी मानसिकता अब नहीं चलेगी।

रमेश बास्के ने कहा कि आदिवासी समाज जागरूक है और वह भय, भ्रम तथा सामाजिक विभाजन की राजनीति को समझ चुका है।