डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया मोदी सरकार के इस विकास विरोधी निर्णय के खिलाफ कब बोलेंगे? : बिट्टू पाठक
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राज्य सचिव सह पूर्व जिला अध्यक्ष जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह झारखंड के हितों की रक्षा के लिए कब मुखर होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा खनिजों पर सेस लगाने के राज्य सरकार के अधिकार को सीमित करने का निर्णय संघीय ढांचे की भावना के विपरीत है। झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य के लिए यह फैसला आर्थिक दृष्टि से बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है। इससे राज्य को हजारों करोड़ रुपये के संभावित राजस्व का नुकसान होगा, जिसका सीधा प्रभाव विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों पर पड़ेगा।
बिट्टू पाठक ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य की जनता की अमूल्य धरोहर है और उससे प्राप्त होने वाले संसाधनों का उपयोग राज्य के विकास एवं जनकल्याण के लिए होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता और जनप्रतिनिधि झारखंड के अधिकारों पर हो रहे आघात के बावजूद चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने विशेष रूप से डाल्टनगंज विधानसभा के भाजपा विधायक आलोक चौरसिया से सवाल किया कि क्या वे मोदी सरकार के इस निर्णय के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करेंगे या फिर मौन रहकर इसका समर्थन करेंगे।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य केवल पार्टी लाइन का अनुसरण करना नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र और राज्य के हितों की रक्षा करना भी है। झारखंड की जनता यह जानना चाहती है कि उसके निर्वाचित प्रतिनिधि राज्य के अधिकारों और विकास के मुद्दों पर क्या रुख रखते हैं। बिट्टू पाठक ने कहा कि आलोक चौरसिया को राजनीतिक साहस दिखाते हुए झारखंड और डाल्टनगंज विधानसभा के हित में स्पष्ट रूप से अपनी राय रखनी चाहिए।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या डाल्टनगंज विधानसभा के भाजपा विधायक आलोक चौरसिया जी मोदी सरकार के इस कथित विकास-विरोधी निर्णय के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करेंगे, या फिर श्रावण मास में "हर-हर महादेव" के स्थान पर "हर-हर मोदी" का जाप करते हुए झारखंड के हितों पर मौन रहेंगे। उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि भाजपा के जनप्रतिनिधि दलगत निष्ठा से ऊपर उठकर झारखंड और डाल्टनगंज विधानसभा की जनता के हितों की रक्षा के लिए खुलकर बोलें। हिम्मत जुटाइए और कभी झारखंड तथा डाल्टनगंज विधानसभा के पक्ष में भी अपनी आवाज उठाइए।





