BREAKING NEWS

logo

एनएमडीसी के कौशल विकास से प्रशिक्षित किए सभी युवा को मिला रोजगार


नई दिल्‍ली,  देश के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक कंपनी राष्‍ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) लिमिटेड ने बस्तर प्रभाग के 80 युवाओं के पहले बैच का स्वागत किया। इन युवाओं ने रोजगार उन्मुख कौशल प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण कर 100 फीसदी प्लेसमेंट हासिल किया है।

इस्‍पात मंत्रालय ने यह कार्यक्रम एनएमडीसी के सीएसआर प्रयासों के हिस्से के रूप में केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईपीईटी) के सहयोग से लागू की गई कौशल विकास पहल के तहत किया था। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा, बस्तर, सुकमा, नारायणपुर, कोंडागांव और बीजापुर जिलों के साधारण परिवारों से आए छात्रों ने वहां के जीवन के बारे में बात की, जहां अवसर सीमित थे और विकल्प कम थे। उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल रोजगार प्रदान करता है, बल्कि अपने गृहनगर से बाहर निकलकर अपनी शर्तों पर आय अर्जित करने का आत्मविश्वास भी प्रदान करता है।

मंत्रालय ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बस्तर के बेरोजगार और वंचित आदिवासी युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल से लैस करके स्थायी आजीविका में सक्षम बनाकर सशक्त करना है। यह सम्मान समारोह और चर्चा सत्र एनएमडीसी के वरिष्ठ नेतृत्व की उपस्थिति में आयोजित किया गया, जिसमें अमिताभ मुखर्जी, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, विनय कुमार, निदेशक (तकनीकी) और निदेशक (वाणिज्यिक, अतिरिक्त प्रभार), जॉयदीप दासगुप्ता, निदेशक (उत्पादन) और निदेशक (कार्मिक, अतिरिक्त प्रभार), पी.श्याम, महाप्रबंधक (सीएसआर) और बी. रवि, प्रधान निदेशक, सीआईपीईटी, एनएमडीसी और सीआईपीईटी के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।