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बोकारो में कचरे का अंबार, छठ पूजा से पहले सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल


बोकारो/चास: झारखंड के बोकारो और चास में दुर्गापूजा के बाद जगह-जगह जमा कचरे ने नगर की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छठ महापर्व नजदीक आने के साथ ही लोगों की चिंता बढ़ गई है। शहर के कई मोहल्लों, पूजा पंडालों के आसपास और संपर्क मार्गों के किनारे गंदगी जमा होने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित कचरा उठाव नहीं होने से परेशानी बढ़ रही है। ऐसे में त्योहार से पहले सफाई अभियान को तेज करना जरूरी हो गया है।

चास के अंदरूनी मोहल्लों में कचरा जमा होने की शिकायत

चास नगर निगम क्षेत्र के कई वार्डों के अंदरूनी मोहल्लों में नियमित रूप से कचरा नहीं उठाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। दुर्गापूजा के दौरान भी कुछ इलाकों में कचरा जमा रहा। मुख्य सड़कों के आसपास सफाई होने के बावजूद अंदरूनी बस्तियों में गंदगी बने रहने से स्थानीय निवासियों में नाराजगी है।

चिराचास और आसपास के क्षेत्रों में कचरे की समस्या को लेकर लोगों ने नियमित सफाई और समय पर कचरा उठाव की मांग की है। कुछ स्थानीय निवासियों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी भी जताई है।

पूजा पंडालों के आसपास फैली गंदगी बनी परेशानी

दुर्गापूजा और प्रतिमा विसर्जन के बाद बोकारो के कई पूजा पंडालों के आसपास प्लास्टिक, खाद्य पदार्थों के पैकेट, कागज और सजावटी सामग्री का कचरा जमा होने की सूचना है। सेक्टर-1सी, सुभाष क्लब, पटेल चौक और इस्पातनगर के कुछ पूजा स्थलों के आसपास सफाई की जरूरत बताई गई है।

त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से सार्वजनिक स्थलों पर कचरे की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसे में आयोजन समाप्त होने के बाद कचरे को समय पर हटाना और उसका उचित निपटान करना आवश्यक है। सफाई में देरी होने से दुर्गंध और मच्छरों के पनपने की आशंका भी बढ़ सकती है।

छठ घाटों की सफाई भी बड़ी चुनौती

छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालु जलाशयों, तालाबों और नदी घाटों पर पहुंचकर सूर्यदेव को अर्घ्य देते हैं। इसलिए घाटों की स्वच्छता, पानी की गुणवत्ता और वहां तक पहुंचने वाले रास्तों की सफाई विशेष महत्व रखती है।

बोकारो के सेक्टर-4एफ स्थित सूर्य सरोवर में गंदे पानी की निकासी की समस्या सामने आई है। वहीं, चास के सोलागिडीह तालाब में जलकुंभी फैलने और नालियों का गंदा पानी पहुंचने की शिकायतें भी चिंता का विषय हैं। इन समस्याओं का समाधान केवल ऊपर से दिखाई देने वाली गंदगी हटाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जल निकासी और प्रदूषण के कारणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

नगर निगम ने विशेष सफाई अभियान की तैयारी की

चास नगर निगम की ओर से छठ घाटों और विभिन्न वार्डों में विशेष सफाई अभियान चलाने की तैयारी की गई है। अधिकारियों के अनुसार, सफाई कार्य की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को लगाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों से अलग-अलग पालियों में काम कराने की व्यवस्था भी की जा सकती है।

हालांकि, लोगों की मुख्य मांग यह है कि सफाई केवल प्रमुख घाटों और मुख्य सड़कों तक सीमित न रहे। मोहल्लों की गलियों, नालियों, पूजा स्थलों और कचरा जमा होने वाले स्थानों पर भी नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।

समय पर सफाई नहीं हुई तो बढ़ सकती है परेशानी

छठ पूजा के दौरान बड़ी संख्या में व्रती और श्रद्धालु घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे में गंदगी, जलभराव, खराब रास्ते और दूषित पानी लोगों के लिए परेशानी पैदा कर सकते हैं। बुजुर्गों, बच्चों और व्रतियों को विशेष रूप से स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण की जरूरत होती है।

नगर प्रशासन के सामने अब चुनौती है कि त्योहार से पहले प्रमुख घाटों की सफाई पूरी करने के साथ-साथ पूरे शहर में कचरा उठाव की व्यवस्था को भी नियमित बनाए। नागरिकों से भी अपील है कि वे कचरा निर्धारित स्थानों पर डालें और जलाशयों में प्लास्टिक या पूजा सामग्री न फेंकें।

निष्कर्ष: बोकारो और चास में दुर्गापूजा के बाद कचरा जमा होने की शिकायतों ने छठ पूजा से पहले सफाई व्यवस्था की अहमियत बढ़ा दी है। घाटों की सफाई के साथ अंदरूनी मोहल्लों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों पर भी समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है, ताकि श्रद्धालु स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में छठ महापर्व मना सकें।