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सुप्रीम कोर्ट के सख़्त आदेश भी बेअसर, देवघर सदर अस्पताल में कचरे का अंबार


सुप्रीम कोर्ट के सख़्त आदेश भी बेअसर, देवघर सदर अस्पताल में कचरे का अंबार 

• बाॅयो वेस्ट बताकर नगर निगम ने उठाव रोका.


अमित कुमार,
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो 

देवघर : स्वच्छता अभियान के बड़े-बड़े दावों के बीच देवघर सदर अस्पताल खुद गंदगी और बदबू का अड्डा बना हुआ है। 

अस्पताल परिसर में पिछले 20-25 दिनों से कचरे का उठाव नहीं हो रहा है, जिससे जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और दुर्गंध से मरीजों, परिजनों और स्वास्थ्य कर्मियों का जीना मुहाल हो गया है।

इस बाबत देवघर सदर अस्पताल की  उपाधीक्षक *सुषमा वर्मा* ने बताया कि कचरा उठाव के लिए देवघर नगर निगम को कई बार लिखित अनुरोध किया गया है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई। नगर निगम ने अस्पताल के कचरे को बाॅयो-मेडिकल वेस्ट बताकर उठाने से इनकार कर दिया है। वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि परिसर में जमा कचरा सामान्य कचरा है, जिसमें फल के छिलके, कागज, प्लास्टिक, झाड़ू से निकला कचरा और कैंटीन का वेस्ट शामिल है, जिसका निष्पादन नगर निगम की जिम्मेदारी है। बायो-मेडिकल वेस्ट के लिए अस्पताल की अलग एजेंसी नियुक्त है।

*सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी*

यह स्थिति तब है जब कचरा प्रबंधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने देशव्यापी सख़्त आदेश जारी किए हैं। जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 के सख़्त क्रियान्वयन का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण में जीना संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत हर नागरिक का मौलिक अधिकार है।

कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि बड़े अस्पताल, मॉल, होटल, बड़ी सोसायटियां जो रोज 100 किलो से अधिक कचरा पैदा करते हैं, वे बल्क वेस्ट जनरेटर (BWG) की श्रेणी में आते हैं और उन्हें स्रोत पर ही कचरे का पृथक्करण (Segregation) और प्रोसेसिंग करनी होगी। 

उल्लेखनीय है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के लिए हर जिले में स्पेशल सेल बनाने और बिजली-पानी कनेक्शन तक काटने का अधिकार जिलाधिकारियों को देने का निर्देश दिया गया है।

इसके अलावा बाॅयो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016 के तहत अस्पतालों को जैव चिकित्सा कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान करना होता है। झारखंड हाईकोर्ट ने भी इस पर सख़्ती दिखाते हुए हर मेडिकल कचरे की थैली पर बारकोडिंग और डिजिटल ट्रैकिंग अनिवार्य की है और राज्य में देवघर सहित 5 जगहों पर कॉमन ट्रीटमेंट फैसिलिटी चालू कराई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार सदर अस्पताल में नियमों की अनदेखी हो रही है। नगर निगम सामान्य कचरे को भी बाॅयो वेस्ट बताकर पल्ला झाड़ रहा है, जबकि अस्पताल परिसर में कचरे का अंबार लग गया है।

इसको लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सदर अस्पताल के बगल में ही देवघर *मेयर रवि राउत* का निजी आवास है, फिर भी इतने दिनों से कचरा पड़ा रहना "दीप तले अंधेरा" वाली कहावत को चरितार्थ करता है। अस्पताल परिसर में पड़े कचरे से मच्छर-मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे संक्रमण और डेंगू का खतरा है।

स्थानीय लोगों ने जिले के *उपायुक्त व एसडीएम* से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में अविलंब हस्तक्षेप कर कचरा उठाव और अस्पताल परिसर को संक्रमण मुक्त बनाने की मांग की है।

डिप्टी मेयर ने कहा :-
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इस संबंध में देवघर नगर निगम की डिप्टी मेयर *टीप चटर्जी* ने कहा कि इस बारे में जानकारी मिली है। सिटी मेनेजर को प्रतिदिन कचरा उठाव कराने का निर्देश दिया गया है।