महेंद्र मुनि शिशु मंदिर में विज्ञान-गणित मेला, 200 से अधिक मॉडलों में दिखी छात्रों की रचनात्मकता
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
मधुपुर बाजार (देवघर) : पत्थरचपट्टी रोड स्थित महेंद्र मुनि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मंगलवार को विज्ञान एवं गणित मेला का भव्य आयोजन किया गया। मेले में छात्र-छात्राओं ने 200 से अधिक आकर्षक और नवाचारी मॉडल प्रस्तुत कर अपनी वैज्ञानिक सोच और प्रतिभा का परिचय दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. रत्नाकर भारती, विशिष्ट अतिथि नवीन कुमार उपाध्याय और प्रधानाचार्य मदन मोहन मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन कर किया। प्रधानाचार्य ने अतिथियों का स्वागत किया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि डॉ. भारती ने कहा कि विज्ञान जीवन के हर कदम में है और गणित के बिना दैनिक जीवन सुचारू रूप से चलना संभव नहीं है। विशिष्ट अतिथि नवीन कुमार उपाध्याय ने कहा कि यह युग विज्ञान और गणित का युग है, इसमें कुशल होना जरूरी है। देश को विकसित बनाना है तो बाल और युवा वैज्ञानिकों को नए अनुसंधानों की ओर आगे बढ़ना होगा।
प्रधानाचार्य मदन मोहन मिश्रा ने कहा कि छात्रों में वैज्ञानिक और गणितीय सोच विकसित करने के लिए हर साल इस मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें भैया-बहन बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। विज्ञान प्रमुख आचार्य डमरूधर सिंह ने मेले के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
मेले में विज्ञान विषय के तहत सरल मशीन, विद्युत संरक्षण, सेंसर मॉडल, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक, हृदय की कार्यप्रणाली, ऑर्गेनिक फार्मिंग, स्मार्ट सिटी, क्लीन इंडिया और नवाचार जैसे विषयों पर मॉडल प्रस्तुत किए गए। वहीं गणित में 2D-3D आकृति, पॉलीगॉन के गुण, बीजगणितीय सूत्र, त्रिकोणमिति, ज्योमैट्रिकल पार्क और दैनिक जीवन में गणित जैसे विषयों पर मॉडल बनाए गए।
शिशु, बाल, किशोर और तरुण वर्ग में प्रदर्श, प्रयोग और पत्र वाचन प्रतियोगिताएं हुईं। दूसरे सत्र में निर्णायक मंडल के निर्णय के आधार पर विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। निर्णायक के रूप में प्रमोद कुमार पांडेय, सूरज देव ठाकुर, सुनील यादव, रणजीत शर्मा और सौरभ कुमार शामिल थे।
मेले के संयोजन में पवन कुमार पांडे, अजीत मिश्रा, सोमेश सिन्हा, अमित गुप्ता, देबाशीष चटर्जी सहित कई आचार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बड़ी संख्या में अभिभावक और अन्य विद्यालयों के छात्र भी मेला देखने पहुंचे। कार्यक्रम का संचालन विनोद कुमार तिवारी ने किया और परमानंद सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।






