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देवघर नगर निगम बोर्ड की दूसरी बैठक शांतिपूर्ण संपन्न, विकास योजनाओं पर लगी मुहर


देवघर नगर निगम बोर्ड की दूसरी बैठक शांतिपूर्ण संपन्न, विकास योजनाओं पर लगी मुहर 

• सहायक नगर आयुक्त गौरव कुमार की अनुपस्थिति और पार्षदों के पहचान पत्र पर भी रहा सस्पेंस


अमित कुमार,
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो 

देवघर : देवघर नगर निगम की द्वितीय बोर्ड बैठक मंगलवार, 29 सितंबर को महापौर रवि राउत की अध्यक्षता में संपन्न हुई। 

बैठक में नगर आयुक्त सुलोचना मीणा, अपर आयुक्त सहित निगम के सभी पदाधिकारी और वार्ड पार्षद मौजूद रहे। सभी के आपसी समन्वय और सकारात्मक सहयोग से बैठक बेहद शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं रचनात्मक वातावरण में संपन्न हुई। पिछली बैठक के हंगामे के बाद इस बार शांतिपूर्ण माहौल में बैठक होना निगम के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

बैठक में नगर क्षेत्र से जुड़े विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों पर सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई, जिन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया। शहर की बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर एवं सुदृढ़ बनाने के लिए स्ट्रीट लाइट, सड़क, नाली, स्वच्छता एवं जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार एवं विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। महापौर ने कहा कि सभी पार्षदों की सहमति से शहर के विकास को गति दी जाएगी।

बैठक के बाद महापौर ने कहा कि हम सभी का सामूहिक उद्देश्य एक ही है, देवघर को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित एवं सुविधायुक्त शहर बनाना और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देना। उन्होंने बैठक को सफल बनाने में सहयोग एवं सकारात्मक सहभागिता के लिए सभी सम्मानित पार्षदगण, निगम के पदाधिकारी एवं कर्मीगण का हार्दिक आभार व्यक्त किया।

वहीं, डिप्टी मेयर टिप चटर्जी ने कहा कि "जनता की सुविधा सर्वोपरि, देवघर का विकास हम सबकी प्राथमिकता है।"  उन्होंने कहा कि बोर्ड बैठक में जो भी योजनाएं पारित हुई हैं, उन्हें धरातल पर जल्द उतारा जाएगा।

हालांकि विकास के एजेंडे के बीच दो मुद्दे चर्चा का विषय बने रहे। पहला, सहायक नगर आयुक्त गौरव कुमार की अनुपस्थिति। बताया जा रहा है कि गौरव कुमार की कार्यशैली को लेकर पिछली बोर्ड बैठक में पार्षदों ने कड़ी नाराजगी जताई थी और विरोध में बैठक को बीच में ही छोड़कर बाहर निकल आए थे। पार्षदों में उनके प्रति बेहद नाराजगी देखी गई थी। इस बार उनकी अनुपस्थिति को लेकर भी अंदरखाने चर्चा होती रही।

दूसरा मुद्दा जनप्रतिनिधियों के पहचान पत्र को लेकर था। नगर आयुक्त सुलोचना मीणा द्वारा पार्षदों के पहचान पत्र को लेकर एक पत्र निकाला गया था, लेकिन इस महत्वपूर्ण विषय पर बोर्ड बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई। दिलचस्प बात यह रही कि बैठक में वार्ड पार्षद बगैर पहचान पत्र के ही पहुंचे थे।

कुल मिलाकर देवघर नगर निगम की द्वितीय बोर्ड बैठक में शहर के विकास का रोडमैप तो तय हो गया, लेकिन सहायक नगर आयुक्त की अनुपस्थिति और पहचान पत्र के मुद्दे पर पर्दा पड़ा रहा, जिसकी चर्चा निगम गलियारे में जोरों पर है।