एनआईटी जमशेदपुर में अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर ऑनलाइन जागरूकता संगोष्ठी आयोजित
आज, 26 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में एक ऑनलाइन जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। ग्रीष्मावकाश के कारण संस्थान बंद होने तथा विद्यार्थियों के अपने-अपने गृह नगरों में होने के कारण कार्यक्रम का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया गया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के एसोसिएट डीन प्रो. कुणाल सिंह के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने संस्थान में नशामुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध परामर्श सुविधाओं तथा मनोवैज्ञानिक (Psychologist) की व्यवस्था की जानकारी देते हुए कहा कि समय पर उचित परामर्श एवं सकारात्मक वातावरण विद्यार्थियों को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
संस्थान के उपनिदेशक प्रो. आर. वी. शर्मा ने अपने संबोधन में नशामुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पूरे देश में नशामुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है, उसी प्रकार एनआईटी जमशेदपुर भी नशामुक्त परिसर के निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि एवं संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने अपने संबोधन में कहा कि एनआईटी जमशेदपुर आज भी एक अनुशासित एवं नशामुक्त संस्थान के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के सहयोग की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी वातावरण को बनाए रखने का आह्वान किया।
इसके उपरांत संस्थान की मनोवैज्ञानिक सुश्री सुषमा वाला महतो ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से नशे के दुष्प्रभाव, उससे बचाव के उपाय, मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता तथा नशे की लत से बचने के लिए अपनाई जाने वाली सावधानियों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति नशे की चपेट में आ जाए तो समय पर परामर्श, परिवार का सहयोग और उचित उपचार किस प्रकार उसे इस लत से बाहर निकाल सकते हैं। सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने अनेक प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने विस्तारपूर्वक एवं संतोषजनक उत्तर दिया।
कार्यक्रम के अंत में एनएसएस समन्वयक डॉ. जयेंद्र कुमार ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने विशेष रूप से ग्रीष्मावकाश के बावजूद बड़ी संख्या में ऑनलाइन जुड़ने वाले विद्यार्थियों की सराहना की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को नशामुक्त भारत का संकल्प दिलाया तथा सभी से भारत सरकार के ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कर नशामुक्ति की शपथ लेने, प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तथा इस संदेश को व्हाट्सएप स्टेटस, फेसबुक स्टोरी एवं अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से साझा कर अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र को नशामुक्त बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ सफलतापूर्वक हुआ।





