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जन उपयोगी प्रजाति के वन लगावे तथा ज्यामितीय वृक्षारोपण को प्राथमिकता दें। प्रधान मुख्य वन संरक्षक हॉफझारखंड श्री संजीव कुमार।


प्रधान मुख्य वन संरक्षक हॉफ झारखंड, रांची श्री संजीव कुमार की अध्यक्षता में वन भवन, मुख्यालय रांची के विवेकानंद सभागार में मासिक विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक हॉफ झारखंड श्री संजीव कुमार ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, वन संरक्षक, वन प्रमंडल पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों से इस वर्ष ज्यामितीय वृक्षारोपण कार्य को बढ़ावा देने का निर्देश दिया। श्री कुमार ने राजभर से आए वरीय वन अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस मानसून के वृक्षारोपण अभियान में जनप्रतिनिधियों समाज के गणमान्य व्यक्तियों युवाओं महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करें तथा उनके साथ और उनको वृक्षारोपण अभियान से जोड़ें।सभी लोग वृक्षारोपण अभियान से जुड़ना चाहते हैं। सघन जनसंपर्क अभियान चलाकर जागरूकता फैलावे।
बैठक में वन विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं एवं गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। 
        राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक हॉफ झारखंड श्री संजीव कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह कार्यकारी निदेशक बंजर भूमि विकास बोर्ड झारखण्ड श्री ए टी मिश्रा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक जैव विविधता पार्षद श्री विश्वनाथ शाह,प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी श्री रवि रंजन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सिद्धार्थ त्रिपाठी,क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक थागा पांडियान, आर एन मिश्रा, मुख्य वन संरक्षक एस आर नटेश, वन संरक्षक प्रशासन श्री पी आर नायडू,डी एफ ओ विजय शंकर दुबे, डीएफओ रांची श्री कांत वर्मा, वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रशासन अजिंक्य बनकर,डीएफओ वन्य प्राणी अवनीश चौधरी, डीएफओ विनय मिश्रा,कुमार आशीष, झारखंड सरकार के अवर सचिव संजय कुमार सिन्हा समेत झारखंड के सभी वन अधिकारी उपस्थित रहे।समीक्षा के दौरान ऑडिट से संबंधित विषयों, उच्च न्यायालय में लंबित अवमानना एवं अन्य वादों की अद्यतन स्थिति पर चर्चा की गई तथा समयबद्ध निष्पादन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह कार्यकारी निदेशक बंजर भूमि विकास बोर्ड झारखण्ड ने पी एफ आर एफ वन भूमि तथा क्षतिपूरक वनरोपण, आदि विषयों की समीक्षा किया तथा निर्देश दिए।
पी सी सी एफ वन्य प्राणी झारखंड श्री रवि रंजन ने मानव-वन्यजीव संघर्ष  को कम करने के लिए किए जा रहे उपायों, आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास तथा जंगली जानवरों द्वारा जन-धन एवं फसल क्षति के मामलों में मुआवजा भुगतान की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा तथा त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। 
    अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री सिद्धार्थ त्रिपाठी ने अवैध पातन तथा अतिक्रमण रोकने का निदेश दिया।
मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी झारखंड श्री एस आर नटेश ने वन्य प्राणी द्वारा प्रभावित व्यक्तियों को त्वरित एवं पारदर्शी मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में वर्ष 2025-26 एवं वर्तमान अवधि के वन अपराध, अवैध पातन तथा अतिक्रमण से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए इन पर प्रभावी नियंत्रण हेतु विशेष अभियान चलाने एवं निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ करने, जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया गया।