जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर स्थित सोनारी एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। नियमित यात्री विमान सेवा बंद होने के बाद एयरपोर्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों को वापस बुला लिया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के तहत सुरक्षा ड्यूटी में लगे जवानों को हटाया गया और सुरक्षा से जुड़े उपकरण भी वापस लिए गए। हालांकि, एयरपोर्ट से प्रशिक्षण विमानों और कॉरपोरेट विमानों का परिचालन जारी रहने की बात सामने आई है। ऐसे में सुरक्षा जांच की मौजूदा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सोनारी एयरपोर्ट से जमशेदपुर-कोलकाता और जमशेदपुर-भुवनेश्वर के लिए क्षेत्रीय हवाई सेवा संचालित की जाती थी। लेकिन आर्थिक कठिनाइयों और सरकारी वित्तीय सहायता से जुड़ी समस्याओं के कारण इन मार्गों पर नियमित यात्री उड़ानें बंद हो गईं। इसके बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया। हालांकि, नियमित यात्री सेवाएं बंद होने का अर्थ यह नहीं है कि एयरपोर्ट पर सभी विमान गतिविधियां भी समाप्त हो गई हैं। प्रशिक्षण और व्यावसायिक जरूरतों से जुड़े विमानों की आवाजाही जारी रहने की सूचना है। यही स्थिति सुरक्षा व्यवस्था के औचित्य और उसकी निरंतरता पर चर्चा का प्रमुख कारण बनी है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पुलिसकर्मियों की वापसी के बाद एयरपोर्ट में प्रवेश करने वाले लोगों की जांच के लिए पहले जैसी व्यवस्था नहीं रह गई है। यदि विमान परिचालन जारी है, तो परिसर में प्रवेश नियंत्रण, पहचान सत्यापन, निगरानी और विमान संचालन से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का प्रभावी होना आवश्यक है। हवाई अड्डों की सुरक्षा केवल यात्रियों की नियमित आवाजाही तक सीमित नहीं होती। इसमें विमान, कर्मचारियों, प्रशिक्षण गतिविधियों और प्रतिबंधित क्षेत्रों की सुरक्षा भी शामिल होती है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अनुसार, नागरिक उड्डयन की सुरक्षा व्यवस्था में निर्धारित मानकों, आवश्यक उपकरणों और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय की अहम भूमिका होती है। सोनारी एयरपोर्ट पर प्रशिक्षण विमानों का परिचालन विशेष महत्व रखता है। ऐसे विमानों के संचालन के लिए प्रशिक्षुओं, प्रशिक्षकों, तकनीकी कर्मचारियों और अन्य अधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही होती है। कॉरपोरेट विमानों का उपयोग भी विशेष परिचालन आवश्यकताओं के लिए किया जाता है। ऐसे में सुरक्षा बलों की तैनाती में बदलाव के साथ यह स्पष्ट होना जरूरी है कि वर्तमान में प्रवेश नियंत्रण और परिसर की निगरानी की जिम्मेदारी किस एजेंसी के पास है। साथ ही, यह भी जरूरी है कि विमानन सुरक्षा से संबंधित निर्धारित नियमों का पालन लगातार किया जाए। इस मामले में एयरपोर्ट प्रबंधन, स्थानीय प्रशासन और विमानन सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों की ओर से वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आना महत्वपूर्ण होगा। पुलिसकर्मियों को वापस बुलाए जाने के बाद वैकल्पिक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। फिलहाल, नियमित यात्री सेवाएं बंद होने के बावजूद अन्य विमान गतिविधियों के जारी रहने की खबर ने सोनारी एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर बहस को जन्म दिया है। इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट होने के लिए संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और मौजूदा सुरक्षा प्रोटोकॉल की जानकारी का इंतजार है। निष्कर्ष: सोनारी एयरपोर्ट से नियमित यात्री उड़ानें बंद होने के बाद पुलिस सुरक्षा हटाए जाने की खबर सामने आई है, जबकि प्रशिक्षण और कॉरपोरेट विमानों के परिचालन की सूचना है। ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि एयरपोर्ट पर वर्तमान में प्रवेश नियंत्रण, निगरानी और विमानन सुरक्षा की जिम्मेदारी किस व्यवस्था के तहत निभाई जा रही है।नियमित उड़ानें बंद, लेकिन विमान परिचालन जारी
सुरक्षा जांच को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
प्रशिक्षण विमानों की मौजूदगी ने बढ़ाई अहमियत
प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से स्पष्टता की जरूरत
सोनारी एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, नियमित उड़ानें बंद होने के बाद हटाए गए पुलिसकर्मी


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