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उपायुक्त ने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शैक्षणिक प्रदर्शन और आधारभूत संरचना की समीक्षा की


समाहरणालय सभागार में आहूत बैठक में उपायुक्त श्री राजीव रंजन द्वारा जिला अंतर्गत संचालित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस एवं कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (केजीबीवी) के 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों तथा विद्यालयों में उपलब्ध आधारभूत संरचना की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में एसडीएम धालभूम श्री अर्नव मिश्रा, अपर उपायुक्त श्री अनुराग तिवारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री मनोज कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री आशीष पांडेय तथा संबंधित विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक एवं वार्डन उपस्थित रहे।

बैठक में उपायुक्त ने गत सत्र के बोर्ड परीक्षा परिणामों का विश्लेषण करते हुए इस वर्ष परिणामों को और बेहतर बनाने हेतु अभी से प्रभावी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कमजोर एवं पिछड़ रहे विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए नियमित रेमेडियल कक्षाओं का संचालन करने को कहा, ताकि विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि में अपेक्षित सुधार लाया जा सके।

उपायुक्त ने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस एवं केजीबीवी में रिक्त सीटों की समीक्षा करते हुए सभी पात्र छात्र-छात्राओं का शीघ्र नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर से कोई भी छात्र-छात्रा वंचित न रहे, इसके लिए नामांकन प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए।

विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने निजी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के अनुभवी शिक्षकों तथा सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस एवं केजीबीवी के शिक्षकों के बीच कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के ज्ञान एवं अनुभव साझा करने वाले कार्यक्रमों से शिक्षकों की क्षमता संवर्धन होगा तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।

बैठक के दौरान विद्यालयों में उपलब्ध आधारभूत संरचना, शैक्षणिक संसाधनों एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को चिन्हित आधारभूत संरचनात्मक कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने तथा विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर परीक्षा परिणाम जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी, शिक्षक एवं विद्यालय प्रबंधन समन्वित रूप से कार्य करें ताकि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं शैक्षणिक उपलब्धियों में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।