जवाबदेही की शुरुआत, लेकिन शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार अभी भी बाकी:- रुचिर कुमार तिवारी
पलामू : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा के बाद एआईएसएफ, आइसा, भाकपा, भाकपा माले, झारखंड क्रांति मंच, जन संग्राम मोर्चा, दलित अधिकार मंच , आम अरविंद पार्टी ने संयुक्त रूप से मार्च निकाला जो बाजार से शहीद चौक होते हुए छ: मुहान पहुंचा जहां नुक्कड़ सभा की गई और विभिन्न वक्ताओं ने उसे संबोधित किया।
भाकपा पलामू जिला सचिव रुचिर कुमार तिवारी केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किया जाना देशभर के संघर्षरत छात्र-युवाओं की लोकतांत्रिक लड़ाई की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि जब देश का युवा एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करता है, तब सत्ता को भी जवाबदेह होना पड़ता है।
20 जुलाई को दिल्ली में अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे छात्र-युवाओं पर जिस प्रकार पुलिस द्वारा लाठीचार्ज गई, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी उसकी कड़ी निंदा करती है। लोकतंत्र में छात्रों की आवाज़ को बल प्रयोग से दबाने का प्रयास न केवल अस्वीकार्य है।
वक्ताओं ने कहा कि कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आंदोलनरत छात्रों की वास्तविक मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय भारतीय जनता पार्टी और उसके समर्थक मीडिया के एक हिस्से ने आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास किया। छात्रों को "राष्ट्रविरोधी", "विदेशी ताकतों से प्रेरित" अथवा "चीनी फंडिंग" जैसे आरोपों के माध्यम से उनकी लोकतांत्रिक आवाज़ को कमजोर करने की कोशिश की गई। किसी भी जनांदोलन को बदनाम करने के बजाय सरकार को उसके मूल मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जवाबदेही की दिशा में एक आवश्यक कदम है, लेकिन केवल मंत्री बदल देने से देश की शिक्षा व्यवस्था की गहरी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। आज आवश्यकता है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल की जाए, पेपर लीक और भ्रष्टाचार पर कठोर एवं प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाए, सरकारी शिक्षा संस्थानों को सशक्त बनाया जाए, शिक्षा का बढ़ता निजीकरण रोका जाए तथा सभी विद्यार्थियों को समान, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा सुनिश्चित की जाए।
सभा में चंद्रशेखर तिवारी, नसीम राइन,सोनू अहमद, रामजित कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे। केडी सिंह, सुरेश ठाकुर प्रभु साव, ज्ञान प्रकाश शुक्ला, ललन प्रजापति ललन सिनहा, मीना सिंह, भवानी सिंह, शत्रुघन कुमार शत्रु, युगल पाल, योगेंद्र सिंह, रवि पाल, रंजीत राम, सरफराज, रविंद्र भूइंया कौशल किशोर बच्चनदिव्या भगत, दानिश कुमार सरफराज आलम, शाहित सैकड़ो लोग थे





