BREAKING NEWS

logo

शिक्षक पर अवैध वसूली के आरोप, वायरल वीडियो के बाद जांच तेज


छात्रों से परीक्षा और दस्तावेज़ संबंधी कार्यों के नाम पर राशि लेने का आरोप, प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट

पलामू। जिले के प्रतिष्ठित गिरिवर प्लस टू उच्च विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। विद्यालय के एक शिक्षक पर छात्रों और अभिभावकों से विभिन्न शैक्षणिक कार्यों के नाम पर अवैध रूप से धन उगाही करने के आरोप लगे हैं। आरोपों से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन हरकत में आ गया है।

आरोप है कि विद्यालय में कार्यरत रसायन शास्त्र के स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक संदीप जायसवाल नियमित उपस्थिति नहीं रखने वाले छात्रों को परीक्षा में शामिल कराने के एवज में प्रति छात्र करीब 10 हजार रुपये तक की मांग करते थे। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि यह व्यवस्था लंबे समय से चल रही थी, लेकिन हाल के दिनों में मामला खुलकर सामने आ गया।

विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया है कि परीक्षा से जुड़े मामलों के अलावा दस्तावेज जमा कराने, फॉर्म भरने और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए भी अलग-अलग राशि ली जाती थी। कुछ अभिभावकों का दावा है कि दो वर्षों के दस्तावेज जमा कराने के लिए उनसे 500 रुपये तक लिए गए, जबकि कई छात्रों से फॉर्म भरने के नाम पर 100-100 रुपये वसूले गए।

मामले को और गंभीर बनाते हुए कुछ छात्रों ने दावा किया है कि संबंधित शिक्षक ने बातचीत के दौरान यह कहा था कि रुका हुआ वेतन दोबारा शुरू कराने के लिए उन्हें जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को 20 हजार रुपये देने पड़े थे। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही शिक्षा विभाग की ओर से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है।

वायरल वीडियो सामने आने के बाद विद्यालय प्रशासन ने मामले को विभाग के संज्ञान में भेज दिया है। प्रभारी प्राचार्य घनश्याम गुप्ता ने बताया कि संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजा गया है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी सौरव प्रकाश ने कहा कि मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई है और संबंधित शिक्षक के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, आरोपी शिक्षक संदीप जायसवाल ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी छात्र या अभिभावक से कोई अवैध राशि नहीं ली है तथा कुछ लोग उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।

मामले पर संज्ञान लेते हुए पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में इस प्रकार की शिकायतें बेहद गंभीर हैं। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और दोषी पाए जाने पर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

घटना के बाद सरकारी विद्यालयों में पारदर्शिता, जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजर विभागीय जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।