मंदिरों के माध्यम से सामाजिक एकीकरण व सांस्कृतिक जागरण अभियान चलाने की अपील
मेदिनीनगर: समाज में बढ़ती सामाजिक दूरी, सांस्कृतिक विघटन एवं नैतिक मूल्यों के क्षरण को देखते हुए रक्षासूत्र परिवार फाउंडेशन ने मंदिरों के माध्यम से साप्ताहिक सामाजिक एकीकरण एवं सांस्कृतिक जागरण अभियान चलाने का प्रस्ताव रखा है। इस संबंध में फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं प्रख्यात चिकित्सक डॉ. राजीव नयन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने हिन्दू धार्मिक न्यास बोर्ड झारखंड सरकार के सदस्य हृदयानंद मिश्र से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल में फाउंडेशन के उपाध्यक्ष राहुल मिश्रा, जनसंपर्क अधिकारी सत्यम एवं विशाल शामिल थे। डॉ. राजीव नयन ने बताया कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण और जनजागरण के महत्वपूर्ण केंद्र भी हैं। अभियान के तहत प्रत्येक सप्ताह मंदिरों में सामूहिक संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सामाजिक विषयों पर चर्चा आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने, सामाजिक सौहार्द बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, शिक्षा और जनकल्याण जैसे विषयों पर जनजागरूकता फैलाने का प्रयास किया जाएगा।
हिन्दू धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य हृदयानंद मिश्र ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति उसकी सामाजिक एकता और आध्यात्मिक परंपरा में निहित है। मंदिरों को सामाजिक चेतना एवं जनसंपर्क के केंद्र के रूप में विकसित करने से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई संभावनाएं पैदा होंगी। उन्होंने इसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सामाजिक समरसता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
फाउंडेशन ने राज्य एवं देश के सभी धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों से इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है। उपाध्यक्ष राहुल मिश्रा ने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण, सामाजिक एकता का सुदृढ़ीकरण और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी।





