योग और वन पर्यावरण दोनों मानव कल्याण के लिए आवश्यक हैं । श्री संजीव कुमार पी सी सी एफ हॉफ, झारखंड
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर वन मुख्यालय झारखंड के पलाश सभागार में वन प्रचार और प्रसार प्रमंडल, राँची ने योग दिवस का आयोजन किया। इस अवसर पर झारखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक हॉफ,श्री संजीव कुमार ने राज्यवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी है।
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। आज के व्यस्त एवं तनावपूर्ण जीवन में योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक शांति, आत्मविश्वास तथा सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार करता है।
उन्होंने कहा कि वन एवं पर्यावरण संरक्षण तथा योग, दोनों का उद्देश्य मानव जीवन को स्वस्थ एवं संतुलित बनाना है। जिस प्रकार वृक्ष और वन हमें स्वच्छ वायु, शुद्ध पर्यावरण एवं जीवनदायिनी ऊर्जा प्रदान करते हैं, उसी प्रकार योग स्वस्थ एवं सुखी जीवन की आधारशिला है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण और योग को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है।
श्री कुमार ने राज्य के सभी वन पदाधिकारियों, कर्मियों एवं नागरिकों से नियमित रूप से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ समाज और स्वस्थ पर्यावरण मिलकर ही एक सशक्त एवं समृद्ध झारखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री ए टी मिश्रा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी, श्री राजीव रंजन, मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी झारखंड श्री एस आर नटेश, वन प्रमंडल पदाधिकारी वन्य प्राणी अवनीश कुमार चौधरी, उप निदेशक पकंज कंबोज समेत झारखंड वन विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में इस योग दिवस के उत्सव में सुबह 6 बजे से भाग लिया।





