नये मतदाताओं को जोड़ने में प्राचार्यों की भूमिका महत्वपूर्ण : उपायुक्त
विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर +2 विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ बैठक, ELC को सक्रिय करने पर जोर
पलामू :मेदिनीनगर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (S.I.R.) कार्यक्रम को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में सोमवार को पलामू समाहरणालय सभाकक्ष में जिले के +2 उच्च विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप निर्वाचन पदाधिकारी उदय रजक, जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार सहित विभिन्न +2 विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्राचार्य शामिल हुए।बैठक के दौरान उपस्थित प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों को नए मतदाताओं के निबंधन, मतदाता सूची में शिफ्टिंग तथा ECINET ऐप के उपयोग से संबंधित विभिन्न जागरूकता वीडियो दिखाकर आवश्यक जानकारी दी गई। साथ ही, युवाओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने एवं मतदाता सूची को अधिक सुदृढ़ बनाने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर चर्चा की गयी।
इस अवसर पर उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि नए मतदाताओं को मतदाता सूची से जोड़ने में विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्राचार्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी समाज में जागरूकता फैलाने के प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। बच्चों की रचनात्मकता का उपयोग करते हुए विभिन्न गतिविधियों, जागरूकता कार्यक्रमों एवं अभिनव प्रयासों के माध्यम से युवाओं को मतदाता बनने के लिए प्रेरित किया जाए।उन्होंने कहा कि जिले में वर्तमान में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य चल रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को विभिन्न निर्वाचन प्रपत्रों के सही इस्तेमाल एवं मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा स्थानांतरण से संबंधित प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी सही जानकारी दे सकें।
उपायुक्त श्री शेखावत ने सभी प्राचार्यों से आवश्यकता के अनुसार अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित कर नए मतदाताओं को जोड़ने तथा S.I.R. के कार्यों में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में गठित इलेक्ट्रॉनिक लिटरेसी क्लब (ELC) को सक्रिय करते हुए युवा एवं भावी मतदाताओं के बीच निर्वाचन संबंधी जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।बैठक में यह भी कहा गया कि 01 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी पात्र युवाओं का मतदाता सूची में निबंधन सुनिश्चित कराने के लिए संस्थान स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। प्राचार्य अपने संस्थानों के विद्यार्थियों को अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान करने और उन्हें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें।






