जनता के मुद्दों की सबसे मुखर आवाज़ हैं राहुल गांधी : गोपाल सिंह
मेदिनीनगर* लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पलामू जिला कांग्रेस प्रवक्ता गोपाल सिंह ने कहा कि श्री राहुल गांधी जी ने अपने कार्यकाल के दौरान बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं, नीट परीक्षा में अनियमितताएं,शिक्षा व्यवस्था की खामियां, आर्थिक असमानता, जातीय जनगणना, मणिपुर हिंसा,संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लगातार संसद और देश के सामने उठाया है। उन्होंने जनता से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में स्थापित करने का कार्य किया है।
गोपाल सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने देश के युवाओं के सामने खड़ी बेरोजगारी की गंभीर समस्या, लाखों रिक्त सरकारी पदों, अग्निपथ योजना तथा रोजगार सृजन में सरकार की विफलताओं पर लगातार सवाल उठाए हैं। नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामलों को लेकर उन्होंने लाखों छात्रों के भविष्य और न्याय के प्रश्न को संसद में मजबूती से रखा।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने किसानों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी, बढ़ती कृषि लागत, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की चुनौतियों तथा किसानों की आय से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। इसके साथ ही उन्होंने महंगाई, छोटे व्यापारियों की समस्याओं, आर्थिक असमानता तथा देश की संपत्ति और संसाधनों के बढ़ते केंद्रीकरण पर भी सरकार से जवाब मांगा है।
गोपाल सिंह ने कहा कि सामाजिक न्याय और समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जातीय जनगणना की मांग, दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा, मणिपुर हिंसा पर सरकार की जवाबदेही तथा संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता के प्रश्न पर राहुल गांधी लगातार मुखर रहे हैं। उन्होंने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को देश की सर्वोच्च आवश्यकता बताया है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने विदेश नीति और राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के हितों की अपेक्षा वैश्विक शक्तियों के दबाव में काम करती हुई दिखाई देती है। राहुल गांधी ने समय-समय पर भारत की विदेश नीति में स्वतंत्रता, पारदर्शिता और राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है तथा सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि देश की विदेश नीति का संचालन किस दिशा में किया जा रहा है।
गोपाल सिंह ने कहा कि चीन सीमा से जुड़े मामलों और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रश्नों पर भी राहुल गांधी ने सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है। उनका मानना है कि देश की जनता को राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सत्य और स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
अंत में गोपाल सिंह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में दो वर्षों के दौरान राहुल गांधी ने बेरोजगार युवाओं, किसानों, छात्रों, मजदूरों, महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों की आवाज को संसद में प्रभावशाली ढंग से उठाया है। जनता के अधिकारों, सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के लिए उनका संघर्ष भारतीय लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है।





