BREAKING NEWS

logo

मेदिनीनगर के सभी जलस्रोतों का होगा सर्वे, 10 दिन में रिपोर्ट सौंपेगी हाईलेवल कमेटी


पलामू: शहर के तालाब, कुएं और अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। उपायुक्त के निर्देश पर मेदिनीनगर नगर निगम के नगर आयुक्त की अध्यक्षता में एक हाईलेवल कमेटी का गठन किया गया है, जो नगर निगम क्षेत्र के सभी जलस्रोतों का 10 दिनों के भीतर विस्तृत सर्वेक्षण कर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी।
गठित समिति में सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम), जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, सदर अंचल अधिकारी तथा चैनपुर अंचल अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। समिति जलस्रोतों की वर्तमान स्थिति, उनके संरक्षण और उपयोग की संभावनाओं का आकलन करेगी।
सर्वे के दौरान तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों के आसपास हुए अतिक्रमण की भी जांच होगी। यह देखा जाएगा कि अतिक्रमण स्थायी (पक्का) है या अस्थायी (कच्चा)। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं भूमि संरक्षण पदाधिकारी तकनीकी पहलुओं का मूल्यांकन करेंगे, जबकि मत्स्य पदाधिकारी संबंधित जलस्रोतों में मत्स्य पालन की संभावनाओं पर अपनी रिपोर्ट देंगे।
दरअसल, वरिष्ठ नागरिक मंच ने हाल ही में उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत को ज्ञापन सौंपकर मेदिनीनगर के कई प्राकृतिक जलस्रोतों के अस्तित्व और उन पर बढ़ते अतिक्रमण का मुद्दा उठाया था। मंच ने नावाटोली, आबादगंज, बस स्टैंड, हमीदगंज, रोटरी स्कूल, शाहपुर और पनेरी बांध सहित कई तालाबों की स्थिति से संबंधित विस्तृत जानकारी और डिजिटल साक्ष्य भी प्रशासन को उपलब्ध कराए थे।
वरिष्ठ नागरिक मंच का कहना है कि शहर के कई पारंपरिक जलस्रोत लगातार अतिक्रमण की चपेट में हैं। मंच के युवा अध्यक्ष एवं पूर्व डिप्टी मेयर राकेश कुमार सिंह उर्फ मंगल सिंह ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक जलस्रोतों का संरक्षण जरूरी है। इसी उद्देश्य से प्रशासन का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित कराया गया, जिसके बाद अब सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू की गई है।