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बेड़ो के कटरमाली में करम पूर्व संध्या समारोह में शामिल हुए राज्यपाल, कहा- करम पर्व प्रकृति और संस्कृति के गहरे जुड़ाव का प्रतीक


संवाददाता विकास कुमार

बेड़ो: प्रखंड के कटरमाली जरिया गांव में रविवार को 10 पड़हा कटरमाली के तत्वावधान में करम पूर्व संध्या समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार शामिल हुए। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व सांसद सह केंद्रीय मजदूर मोर्चा अध्यक्ष सूरज मंडल और विश्व आदिवासी सुंदरी पूजा लकड़ा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में 10 पड़हा अध्यक्ष सुबोध लकड़ा ने आदिवासी पगड़ी पहनाकर और सरना गमछा देकर राज्यपाल का स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत गांव के पाहन भुरंगा उरांव द्वारा डाड़ा काटा पूजा के साथ की गई। इस दौरान विभिन्न गांवों से आए 16 खोड़हा दलों ने मांदर की थाप पर करम गीत और नृत्य प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। समारोह की अध्यक्षता 10 पड़हा राजा रोहित उरांव ने की। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने समस्त झारखंडवासियों को प्रकृति पर्व करमा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि करम पर्व हमारी जनजातीय संस्कृति और प्रकृति के साथ गहरे संबंध का प्रतीक है। करम वृक्ष की डाली की स्थापना और पूजा तथा सामूहिक नृत्य-संगीत के माध्यम से इस पर्व को मनाने की परंपरा झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि करम पर्व से जुड़ी लोककथाएं अच्छे कर्म, परिश्रम, भाईचारे और सद्भाव का संदेश देती हैं। राज्यपाल ने कहा कि आज जब पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब करम पर्व का प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण का संदेश और भी प्रासंगिक हो जाता है। उन्होंने कहा कि झारखंड की भाषाएं, लोकगीत, लोकनृत्य, लोककलाएं और पारंपरिक ज्ञान हमारी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर हैं। युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझना चाहिए और अपनी भाषा व परंपराओं के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड की विशेषता इसकी बहुरंगी संस्कृति और सामाजिक सद्भाव में निहित है, जहां विभिन्न धर्मों, समुदायों और भाषाओं के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। पूर्व सांसद सूरज मंडल ने कहा कि करम पर्व प्रकृति पर्व है। एक समय सूखा पड़ा था, तब करमा और धरमा दो भाइयों ने करम डाली की पूजा की, जिसके बाद बारिश हुई और अच्छी फसल हुई। विश्व आदिवासी सुंदरी पूजा लकड़ा ने कहा कि वह इसी जरिया गांव की बेटी हैं और अपने गांव में करम पूर्व संध्या कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए गर्व की बात है। धन्यवाद ज्ञापन 10 पड़हा अध्यक्ष सुबोध लकड़ा ने किया। उन्होंने कहा कि झारखंड के लोग जल, जंगल, जमीन और प्रकृति से जुड़े हैं और करम पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. बज्रेश शर्मा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. मथुरा राम उस्ताद, मंगू उरांव, एतवा उरांव, खदी उरांव, बिन्नी उरांव, संजय लकड़ा, विजय उरांव, झिरगा उरांव, कार्तिक उरांव, शंकर उरांव और संजय उरांव सहित पड़हा के कई लोगों ने सहयोग किया। विधि-व्यवस्था को लेकर एसडीएम कुमार रजक, बीडीओ राहुल उरांव, सीओ राजकुंवर सिंह, डीएसपी दीपक कुमार, बेड़ो थाना प्रभारी कफिल अहमद, लापुंग थाना प्रभारी गोविंद कुमार, इटकी थाना प्रभारी शिवनारायण तिवारी सहित कई पुलिस पदाधिकारी सशस्त्र बल, अश्रु गैस और लाठी पार्टी के साथ मौजूद थे।