BREAKING NEWS

logo

भारत भारती के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री विनय पत्राले जी अपने झारखण्ड के त्रिदिवसीय दौरे के तृतीय पड़ाव पर जमशेदपुर में हैं।


भारत भारती के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री विनय पत्राले जी अपने झारखण्ड के त्रिदिवसीय दौरे के तृतीय पड़ाव पर जमशेदपुर में हैं। इस अवसर आज जमशेदपुर के होटल श्रीकृष्ण सिन्हा संस्थान बिस्टुपुर में भारत भारती से जुड़ने , विभिन्न क्षेत्र में कार्यरत समाज सेवी एवं प्रबुद्ध नागरिकों एवं पूर्व सैनिकों के साथ एक विचार गोष्ठी का आयोजन भारत भारती,  झारखण्ड के कार्यकारी अध्यक्ष वेटरन डॉ अनिरूद्ध सिंह एवं वेटरन सुशील कुमार सिंह की पहल पर किया गया। सर्वप्रथम गुजराती सनातन समाज के कार्यकारी अध्यक्ष दीपेन भाई भट्ट एवं प्रकाश मेहता ने विनय पत्राले जी को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया जबकि भारत भारती एवं पुर्व सैनिक सेवा परिषद पूर्वी सिंहभूम के प्रतिनिधि राजीव रंजन डॉक्टर कमल शुक्ला एवं दिनेश सिंह ने अंग वस्त्र पुष्पगुच्छ एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में भारत भारत के प्रदेश अध्यक्ष अनिरूद्ध सिंह कोल्हान के सैनिक कल्याण पदाधिकारी कर्नल किशोर सिंह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के महानगर कार्यवाह रविन्द्र जी तुलसी भवन के मानद सचिव प्रस्नजित तिवारी को संगठन के प्रतिनिधियों ने अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि सह प्रवक्ता के रूप में बोलते हुए श्री पत्राले जी ने राष्ट्रीय एकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल के सार्द्ध  शताब्दी वर्ष मनाए जाने के संदर्भ में एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत के हर बड़े और मध्यम श्रेणी का नगर एक लघु भारत है जहां अनेक राज्यों के लोग निवास करते हैं। जमशेदपुर में भी बंगाली, गुजराती, मारवाड़ी, मलयाली, ओड़िया, उत्तराखंडी, पंजाबी, सिख आदि  समाज के लोग निवास करते हैं जिनकी सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान, भाषा, खानपान, पहनावा, आदि अलग अलग हैं । भारत भारती का यह प्रयास है कि एक नगर में निवास करने वाले  हर समाज के लोगों के बीच आपसी तालमेल हो और अन्य राज्यों की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में दूसरे राज्य के लोगों की भागीदारी हो। इससे राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिलेगा और सामाजिक समरसता का भाव भी बढ़ेगा। जमशेदपुर में भी इस दिशा में प्रयास होना चाहिए, यही भारत भारती का मुख्य उद्देश्य है।
 उन्होंने सनातन धर्म की रक्षा में अपने प्राणों और शिष्यों तथा पुत्रों की आहुति देने वाले सिख गुरुओं को याद करने, विशेष कर गुरु तेगबहादुर के बलिदानों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजली देने हेतु गुरुद्वारों में जा कर मत्था टेकने और हिंद की चादर अभियान में भाग लेने का सुझाव दिया ताकि आपसी सद्भाव बढ़ सके। गोष्ठी में उपस्थित सदस्यों ने भी अपने अपने परिचय दिए और विषय वस्तु पर अपने विचार व्यक्त किए।
संगोष्ठी में शहर के प्रमुखजन संघ और सैनिक संगठन के सैकड़ों सम्मानित सदस्य उपस्थित हुवे। कार्यक्रम का संचालन सुशील कुमार सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन बृजकिशोर सिंह ने किया।