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पलामू जिला में श्रद्धा के साथ मनाया गया चैती छठ पूजा, भगवान भास्कर को दिया गया अर्घ्य


पलामू जिला में श्रद्धा के साथ मनाया गया चैती छठ पूजा, भगवान भास्कर को दिया गया अर्घ्य

पलामू: हिंदू धर्म के पवित्र चैत्र महीने में मनाए जाने वाले चैती छठ पर्व को लेकर पलामू जिले में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। बीते दो दिनों से चल रहे इस चार दिवसीय अनुष्ठान का आज तीसरा दिन है, जिसमें व्रती महिलाएं अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देंगी।
चैती छठ की शुरुआत नहाय-खाय से हुई थी, वहीं दूसरे दिन खरना का आयोजन किया गया। आज तीसरे दिन व्रती महिलाएं पूरे विधि-विधान के साथ नदी, तालाब और घाटों पर पहुंचकर पानी में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगी। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई प्रार्थना से सुख-समृद्धि और संतान की कामना पूरी होती है।
जिले के विभिन्न छठ घाटों—कोयल नदी, औरंगा नदी सहित अन्य तालाबों पर सुबह से ही तैयारियां तेज रहीं। साफ-सफाई, सजावट और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी सक्रिय नजर आया। घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है।
व्रती महिलाएं सूप में ठेकुआ, फल, नारियल और अन्य प्रसाद सजाकर पारंपरिक गीतों के साथ जल में खड़ी होकर छठी मैय्या और भगवान सूर्य से आशीर्वाद मांगेंगी। शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के बाद कल सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर इस पावन पर्व का समापन होगा।
पलामू जिला के विभिन्न नदी, तालाबों, आहार और पोखरो के छठ घाटों पर छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। सभी लोगों ने भगवान भास्कर का पूजा अर्चना किया और परिवार के साथ समाज और पलामू की तरक्की के लिए सूर्य भगवान से कामना किया। इस अवसर पर पलामू जिला मेदिनीनगर नगर निगम के पूर्व उपाध्यक्ष प्रमेंद्र कुमार उर्फ बाबू की पत्नी अंजू देवी समेत उनके परिवारजनों ने चैती छठ किया था। उन लोगों ने भी मेदिनीनगर स्थित कोयल नदी के तट पर सूर्य भगवान को अर्धय अर्पित किया और पलामू वासियों के खुशी आने की कामना की। इस अवसर पर पूर्व उपाध्यक्ष प्रमेंद्र कुमार बाबू ने कहा कि हिंदुओं का सबसे बड़ा पर्व अगर कोई है तो वह है सूर्य भगवान की उपासना है। इससे महान कोई पर्व नहीं है यहां सिर्फ पवित्रता ही नहीं बल्कि आस्था भी साथ है। वे छठी मैया से कामना करते हैं कि वह पलामू वासियों के सुख समृद्धि में वृद्धि करें पलामू में अमन,शांति भाईचारा कायम रहे और पलामू लगातार उत्तरोत्तर विकास करें।