लेह, 18 सितंबर 2026: लद्दाख की ऊंची और शुष्क पहाड़ियों के बीच अब पर्यटकों को रंग-बिरंगे फूलों का अनोखा नजारा देखने को मिलेगा। लेह के चोगलमसर और स्टकना में तैयार किए गए दो हाई-एल्टीट्यूड फ्लावर फील्ड शुक्रवार, 18 सितंबर से आम लोगों के लिए खोल दिए गए हैं। दोनों उद्यान करीब 10,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं। लद्दाख प्रशासन के अनुसार, दोनों फ्लावर फील्ड करीब 40 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए गए हैं। यहां कुल 25 लाख से अधिक फूल लगाए गए हैं। इनमें लगभग 24 लाख Lilium और करीब 1 लाख Gladiolus शामिल हैं। प्रशासन ने इसे उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्र में बड़े पैमाने पर floriculture का महत्वपूर्ण प्रयोग बताया है। चोगलमसर के फूलों वाले क्षेत्र को अपेक्षाकृत कम समय में विकसित किया गया। यहां रोपण का काम 16 जुलाई 2026 से शुरू हुआ था और सितंबर के पहले सप्ताह में शुरुआती फूल खिलने लगे। दूसरी ओर, स्टकना में करीब 14 लाख Lilium लगाए गए हैं और वहां बड़े पैमाने पर फूलों के खिलने की उम्मीद अक्टूबर के अंत तक जताई गई है। यह परियोजना केवल पर्यटकों के लिए नया आकर्षण तैयार करने तक सीमित नहीं है। प्रशासन का उद्देश्य लद्दाख में पारंपरिक कृषि के साथ commercial floriculture को बढ़ावा देना है। इसके जरिए स्थानीय किसानों, स्वयं सहायता समूहों और सहकारी संस्थाओं के लिए अतिरिक्त आय और रोजगार के अवसर तैयार करने की योजना है। चोगलमसर के फ्लावर गार्डन को प्रशिक्षण और demonstration centre के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। यहां किसानों और युवाओं को वैज्ञानिक खेती, आधुनिक floriculture तकनीकों तथा फूलों की कटाई के बाद उनके प्रबंधन से जुड़ी जानकारी देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर फूलों की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने की कोशिश होगी। फ्लावर गार्डन को 18 सितंबर से आम जनता के लिए खोला गया है। प्रशासन ने रखरखाव के लिए मामूली प्रवेश शुल्क निर्धारित किया है। वयस्कों के लिए ₹25 और बच्चों के लिए ₹10 शुल्क रखा गया है। इससे प्राप्त राशि का इस्तेमाल उद्यानों के रखरखाव और व्यवस्था में किया जाएगा। बर्फीले और भूरे पहाड़ी परिदृश्य के बीच विशाल फूलों के खेत लद्दाख के पर्यटन अनुभव को एक अलग रूप दे सकते हैं। प्रशासन इसे पर्यटन के साथ कृषि विविधीकरण और स्थानीय आजीविका को जोड़ने वाली परियोजना के रूप में देख रहा है। लद्दाख प्रशासन ने इन दोनों स्थलों को दुनिया के सबसे ऊंचाई वाले twin flower fields के रूप में प्रस्तुत किया है। हालांकि, इस तरह के वैश्विक “सबसे ऊंचे” दावे की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय पुष्टि अलग विषय है; उपलब्ध जानकारी मुख्यतः लद्दाख प्रशासन के दावे पर आधारित है।40 एकड़ में 25 लाख से ज्यादा फूल
चोगलमसर में दो महीने में तैयार हुआ मैदान
सिर्फ पर्यटन नहीं, किसानों की आय बढ़ाने पर भी जोर
किसानों और युवाओं के लिए प्रशिक्षण केंद्र
पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क
लद्दाख के पर्यटन में जुड़ा नया आकर्षण
10,600 फीट की ऊंचाई पर खिला फूलों का संसार, लद्दाख के ट्विन फ्लावर गार्डन पर्यटकों के लिए खुले






