BREAKING NEWS

logo

Advertisement
Advertisement

Strait of Hormuz में भारतीय crew वाले दो विदेशी जहाजों पर हमले, समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता


नई दिल्ली, 18 सितंबर 2026: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Strait of Hormuz के आसपास भारतीय नाविकों से जुड़े दो विदेशी-ध्वज वाले जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं ने क्षेत्र में फंसे भारतीय seafarers की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

Basrah Energy को projectile से नुकसान

Maritime Administration की रिपोर्ट के अनुसार, Panama-flagged crude oil tanker M.T. Basrah Energy के funnel area पर एक projectile लगा। जहाज Strait of Hormuz के बाहर पूर्व दिशा में जा रहा था। घटना के बावजूद जहाज को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और चालक दल सुरक्षित रहा।

जहाज बाद में Fujairah anchorage पहुंचा। इसमें कुल 22 crew members सवार थे, जिनमें 14 भारतीय नागरिक शामिल थे। उपलब्ध रिपोर्ट में सभी crew members के सुरक्षित होने की जानकारी दी गई है।

दूसरे जहाज पर drone attack की सूचना

दूसरी घटना में Togo-flagged oil product tanker Trend को Oman के Khasab Port के पास drone से निशाना बनाए जाने की सूचना है। इस घटना के विस्तृत कारण और नुकसान का पूरा आकलन तत्काल उपलब्ध नहीं था।

इससे पहले सितंबर में भी भारतीय crew वाले कई विदेशी जहाजों पर हमलों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे Gulf क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय seafarers की सुरक्षा लगातार महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है।

Gulf में 153 भारतीय नाविक मौजूद

Maritime Administration के आंकड़ों के अनुसार, Persian Gulf में Strait of Hormuz के पश्चिमी हिस्से में छह Indian-flagged और आठ Indian-interest foreign-flagged vessels मौजूद हैं। इन जहाजों पर कुल 153 भारतीय seafarers सवार बताए गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय हित से जुड़े 10 जहाजों को Persian Gulf से बाहर निकालने के लिए evacuation plan में शामिल किया गया है। यह कदम क्षेत्र में बढ़े सुरक्षा जोखिमों के बीच उठाया जा रहा है।

Energy security पर भी असर की आशंका

Strait of Hormuz दुनिया के प्रमुख energy shipping routes में से एक है। हालिया संघर्ष के कारण इस मार्ग से commercial shipping में भारी गिरावट दर्ज हुई है। 18 सितंबर की Reuters रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को केवल चार commodity vessels ने Strait पार किया, जबकि 10 दिनों का औसत करीब 16 vessels प्रतिदिन था।

Shipping disruptions से जहाजों के insurance और freight costs बढ़ सकते हैं तथा लंबे वैकल्पिक रास्तों की जरूरत पड़ सकती है। भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है।

भारत के लिए दोहरी चुनौती

मौजूदा स्थिति में भारत के सामने एक ओर Gulf में मौजूद भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर crude oil और अन्य energy supplies की निरंतर उपलब्धता बनाए रखना भी जरूरी है।

हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक भारत को फिलहाल तत्काल fuel shortage का सामना नहीं है। सरकार supply स्थिति की निगरानी कर रही है और वैकल्पिक logistics तथा अलग-अलग स्रोतों के जरिए ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश जारी है।

समुद्री यातायात पर बढ़ता दबाव

Hormuz में जहाजों की आवाजाही घटने के साथ कुछ vessels अपने AIS transponders बंद करके या वैकल्पिक मार्गों से आवाजाही कर रहे हैं। इससे समुद्री यातायात की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और चुनौतीपूर्ण हो रही है।

ऐसे में भारतीय नाविकों की सुरक्षा, commercial shipping की स्वतंत्र आवाजाही और energy supply chains की स्थिरता आने वाले दिनों में भारत के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे बने रह सकते हैं।