नई दिल्ली, 18 सितंबर 2026: भारत में Artificial Intelligence के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच इसके नियमन और user safety को लेकर सरकार का रुख फिर चर्चा में है। केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि AI से बड़े लाभ मिल रहे हैं, लेकिन नई तकनीक के साथ जुड़े जोखिमों को देखते हुए regulation की भी भूमिका है। मंत्री के अनुसार, नई तकनीकें विकास और productivity के लिए अवसर पैदा करती हैं, लेकिन उनके इस्तेमाल से कुछ नए जोखिम भी सामने आते हैं। AI के मामले में user safety एक जटिल मुद्दा है, इसलिए technology development के साथ सुरक्षा उपायों पर भी ध्यान देना जरूरी है। AI से जुड़े संभावित जोखिमों में misinformation, deepfakes, privacy से जुड़े मुद्दे, bias और कुछ मामलों में cyber threats शामिल हैं। भारत की AI governance guidelines भी इन अलग-अलग जोखिमों की पहचान करती हैं। भारत ने AI governance के लिए केवल एक अलग कानून पर निर्भर रहने के बजाय techno-legal approach अपनाने की बात कही है। सरकार के अनुसार, मौजूदा कानूनों के साथ technical safeguards का इस्तेमाल करके AI से होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है। India AI Governance Guidelines में भी मौजूदा कानूनी ढांचे के प्रभावी इस्तेमाल, जरूरत के अनुसार कानूनी बदलाव और नए AI risks के आधार पर framework को अपडेट करने की बात कही गई है। AI-generated content और deepfakes को लेकर सरकार ने 2026 में IT Rules में बदलाव किए हैं। नए प्रावधानों के तहत platforms को अनुमत synthetic content की स्पष्ट labeling और traceable metadata जैसी व्यवस्थाएं अपनानी हैं। गैरकानूनी AI-generated content पर platforms की जिम्मेदारियां भी बढ़ाई गई हैं। सरकारी जानकारी के मुताबिक, इन नियमों में impersonation, non-consensual intimate imagery और बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री जैसे गंभीर मामलों के खिलाफ कार्रवाई के प्रावधान भी शामिल हैं। भारत ने AI safety को लेकर संस्थागत क्षमता विकसित करने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। सरकार के अनुसार, IndiaAI Safety Institute को AI safety research, standards development, system testing और emerging risks के मूल्यांकन में भूमिका निभानी है। इसके अलावा AI Governance and Economic Group और Technology & Policy Expert Committee जैसे तंत्रों को governance strategy तथा policy recommendations में सहयोग देने के लिए स्थापित किया गया है। सरकार की मौजूदा नीति में AI innovation को बढ़ावा देने के साथ संभावित नुकसान को नियंत्रित करने पर जोर दिखाई देता है। इसका मतलब यह है कि AI development को रोकने के बजाय ऐसे technical और regulatory mechanisms तैयार किए जाएं, जिनसे technology का इस्तेमाल अधिक सुरक्षित और जवाबदेह तरीके से हो सके। आगे AI models अधिक सक्षम और autonomous होते हैं, तो privacy, accountability, content authenticity और safety जैसे मुद्दों पर regulatory framework में बदलाव की जरूरत भी सामने आ सकती है। भारत का मौजूदा approach इसी evolving technology के साथ governance व्यवस्था को विकसित करने पर केंद्रित है।AI के फायदे के साथ जोखिमों पर नजर
सरकार का techno-legal approach
Deepfake और AI-generated content पर नियम
AI Safety Institute की भूमिका
Regulation और innovation के बीच संतुलन
भारत में AI regulation पर सरकार का रुख, innovation के साथ user safety पर जोर






