एक नवंबर तक सभी स्कूली बच्चों को मिलेंगे डयूल डेस्क
चंडीगढ़, हरियाणा के वित्त मंत्री नायब सैनी ने शिक्षा को मानव
विकास के साथ जोड़ते हुए अच्छी शिक्षा, अच्छी स्वास्थ्य सुविधा, अनुवांछित
कौशल सीखने तथा खेल खेलने के अवसर मुहैया करवाने के प्रति प्रतिबद्धता
जताते हुए स्कूली शिक्षा को हाईटैक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान
दिलाने की ओर कदम बढ़ाया है।
स्कूलों में अब फ्रेंच भाषा के बाद जर्मन और जापानी भाषाएं भी विद्यार्थियों को सिखाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री
नायब सैनी ने मानव विकास के लिए 4194 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया है,
जोकि वर्ष 2025-26 के मुकाबले 6.06 प्रतिशत ज्यादा है। पिछले बजट में
घोषित 615 स्टेम लैब में से 391 में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जा चुकी
हैं और वर्ष 2026-27 में 250 अन्य विद्यालयों को इससे जोड़ा जाएगा। छठी से
12वीं कक्षा के 186 मेधावी विद्यार्थियों को इसरो और डीआरडीओ जैसे
संस्थानों का भ्रमण कराया गया है, जबकि आगामी सत्र में 11वीं के 100
विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण का अवसर मिलेगा।
भाषा
शिक्षा के क्षेत्र में 60 शिक्षकों को फ्रेंच में प्रशिक्षित किया जा चुका
है और अब 100 शिक्षकों को जर्मन व जापानी भाषा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
‘सुपर 100’ योजना के अंतर्गत पिछले पांच वर्षों में 267 विद्यार्थियों ने
आईआईटी, एनआईटी व मेडिकल संस्थानों में सफलता पाई है। हालिया जेईई (मेन)
में 314 में से 227 विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। अब इस योजना
की सीटें 400 से बढ़ाकर 500 की जाएंगी।
प्रदेश के सरकारी स्कूल अब
केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्टेम लैब, अटल टिंकरिंग
लैब, आईसीटी अपग्रेड और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण जैसी पहलों के जरिए
वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किए जाएंगे।
615 में से 391
स्टेम लैब स्थापित हो चुकी हैं और शेष स्कूलों को भी इस दायरे में लाने की
तैयारी है। ‘सुपर-100’ योजना का विस्तार, जर्मन और जापानी भाषा प्रशिक्षण,
खेल मैदानों का विकास और सभी विद्यालयों में ड्यूल डेस्क व्यवस्था की
जाएगी। हर जिले के एक मॉडल संस्कृति विद्यालय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन
स्पोर्ट्स के रूप में विकसित करने के साथ 3,328 स्कूलों को 1 लाख प्रति
विद्यालय खेल मैदान विकास के लिए दिए जाएंगे। 8,600 प्राथमिक विद्यालयों के
88,434 बाल वाटिका-3 विद्यार्थियों को 10 करोड़ की लागत से मुफ्त
स्टेशनरी, यूनिफॉर्म और बैग उपलब्ध कराए जाएंगे। 1 नवंबर 2026 तक सभी
सरकारी स्कूलों में ड्यूल डेस्क व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसको लेकर
200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने
घोषणा कि अब वर्ष 2026-27 में भिवानी, करनाल, फरीदाबाद, नूंह, पंचकूला,
पानीपत तथा पलवल जिलों में दोहरी पाली में चल रहे 25 विद्यालयों को एकल
पाली में परिवर्तित किया जाएगा। बराडा, भूना तथा कुरुक्षेत्र में स्थित 3
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को 31 मार्च, 2026 तक एकल पाली में
परिवर्तित कर दिया जाएगा। विद्यार्थियों में व्यावसायिक तथा उद्यमिता
संबंधी कौशल के विकास के लिए वर्ष 2025-26 में 'कुशल बिजनेस चैलेंज' का
आयोजन हुआ जिसमें 1 लाख 25 हजार विद्यार्थियों की 23 हजार टीमों ने
भागीदारी की।






