ग्रेटर नोएडा, 18 सितंबर 2026: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को टोल भुगतान के लिए पारंपरिक बूथ या बैरियर पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। जेवर के करौली बांगर क्षेत्र में प्रस्तावित टोल व्यवस्था में वाहन चलते हुए ही शुल्क का इलेक्ट्रॉनिक भुगतान कर सकेंगे। प्रस्तावित सिस्टम में Automatic Number Plate Recognition (ANPR) कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। सड़क से गुजरते समय कैमरे वाहन की नंबर प्लेट पढ़ेंगे और संबंधित वाहन की पहचान FASTag से जुड़े विवरण के जरिए की जाएगी। इसके बाद निर्धारित user fee अपने-आप FASTag खाते से काटी जाएगी। इस व्यवस्था में पारंपरिक toll booth, कर्मचारी और उठने वाले barrier की आवश्यकता कम हो जाती है। वाहन सामान्य गति से tolling point पार कर सकेगा और भुगतान की प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पूरी होगी। Barrier-free व्यवस्था का मतलब यह नहीं है कि इस मार्ग पर टोल शुल्क समाप्त हो जाएगा। यात्रियों से लागू दर के अनुसार toll लिया जाएगा, लेकिन उन्हें भुगतान करने या barrier खुलने का इंतजार करने के लिए वाहन रोकना नहीं पड़ेगा। इसलिए एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को अपने FASTag को सक्रिय रखना और उसमें पर्याप्त balance बनाए रखना जरूरी होगा। यह लिंक एक्सप्रेसवे Noida International Airport को हरियाणा के मोहना क्षेत्र और आगे Delhi–Mumbai Expressway corridor से जोड़ने की दिशा में विकसित किया जा रहा है। NHAI के अनुसार, इसे Eastern Peripheral Expressway से जोड़ने का लक्ष्य दिसंबर तक रखा गया है। कनेक्टिविटी पूरी होने के बाद एयरपोर्ट से मोहना तक का मार्ग सार्वजनिक उपयोग के लिए खोले जाने की योजना है। एयरपोर्ट मार्ग पर त्योहारों, छुट्टियों और व्यस्त समय में वाहनों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में barrier-free tolling का उद्देश्य toll plaza पर रुकने और कतार बनने की समस्या को कम करना है। MLFF मॉडल में वाहन को अलग-अलग लेन में toll booth के सामने रोकने के बजाय चलते हुए पहचान और भुगतान की सुविधा दी जाती है। NHAI पहले से कुछ राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस तकनीक को लागू कर रहा है। केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर ANPR और FASTag आधारित Multi-Lane Free Flow प्रणाली का विस्तार कर रही है। जनवरी 2026 में सड़क परिवहन मंत्रालय ने बताया था कि कई fee plazas पर barrier-less tolling के लिए परियोजनाएं स्वीकृत या निविदा प्रक्रिया में थीं। राजस्थान के दौलतपुरा टोल प्लाजा पर जून 2026 में MLFF प्रणाली शुरू भी की गई। इसके जरिए वाहनों को बिना रुके tolling point पार करने और FASTag से शुल्क कटने की सुविधा मिली। नई व्यवस्था लागू होने पर एयरपोर्ट लिंक का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका FASTag वैध, सक्रिय और पर्याप्त balance वाला हो। नंबर प्लेट स्पष्ट और सही स्थिति में होना भी जरूरी होगा, ताकि ANPR सिस्टम वाहन की पहचान ठीक से कर सके। करौली बांगर की प्रस्तावित व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य toll collection को तेज करना, अनावश्यक रुकावट घटाना और Noida International Airport से जुड़ी सड़क यात्रा को अधिक निर्बाध बनाना है। हालांकि, सिस्टम के पूर्ण संचालन की तारीख संबंधित सड़क कनेक्टिविटी और परियोजना की प्रगति पर निर्भर करेगी।ANPR कैमरे करेंगे वाहनों की पहचान
टोल खत्म नहीं होगा, सिर्फ भुगतान का तरीका बदलेगा
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मिलेगी सुविधा
भीड़ वाले समय में कम हो सकती है कतार
देश के अन्य हिस्सों में भी विस्तार
वाहन चालकों के लिए जरूरी बात
Greater Noida–Jewar Airport मार्ग पर बिना रुके कटेगा टोल, करौली बांगर में बनेगा barrier-free सिस्टम






