जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह संपन्न
जमशेदपुर, 8 सितंबर 2026:
जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह बिष्टुपुर स्थित XLRI सभागार में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता झारखंड के महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति माननीय श्री संतोष कुमार गंगवार जी के द्वारा की गई तथा विशिष्ट अतिथि CSIR-NML, जमशेदपुर के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी रहे। मंच में माननीय कुलपति प्रो . इला कुमार, डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स डॉ० किश्वर आरा, कुल सचिव डॉ . सलोमी कुजूर ,वित्त पदाधिकारी सह वाणिज्य संकायाध्यक्ष डॉ० दीपा शरण, मानविकी संकायाध्यक्ष डॉ सुधीर कुमार साहु, परीक्षा नियंत्रक डॉ
रमा सुब्रह्मण्यन उपस्थित थे। कुलसचिव डॉ० सलोमी कुजूर द्वारा मंच का संचालन किया गया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ अकादमिक परेड, राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान, दीप प्रज्वलन और विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुआ। अतिथियों का स्मृति-चिह्न, पौधा एवं शॉल भेंट कर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ई-स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
दीक्षांत समारोह में Ph.D., स्नातकोत्तर, स्नातक एवं विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। पीएच ० डी की चार शोधार्थियों में होम साइंस की सस्मिता साहू ,अंग्रेजी की मांपी अधिकारी,हिंदी की शशि बाला बागे एवं कल्पना कुमारी को पीएच ० डी० की उपाधि प्रदान की गई, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं 55 को स्वर्ण पदक एवं गणित की मुस्कान महतो को चांसलर मेडल दिया गया । चार वर्षीय यूजी ओवरऑल टॉपर ( 2022 -2026 ) होम साइंस की श्वेता तिवारी को दिया गया । डॉ रेखा झा गोल्ड मेडल एवं एक लाख की राशि का चेक रीमा मार्डी को दिया गया खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को भी विशिष्ट सम्मान से सम्मानित किया गया।
माननीय कुलपति प्रो. इला कुमार के नेतृत्व में दीक्षांतसमारोह का सफल समापन हुआ उन्होंने अपने अपने वक्तव्य में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान, NEP-2020 के अनुरूप अकादमिक विकास तथा स्किल डेवलपमेंट और इनोवेशन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप नए अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई।
अपने दीक्षांत संबोधन में महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति माननीय श्री संतोष कुमार गंगवार ने उपाधि प्राप्त करने वाली छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन की नई यात्रा की शुरुआत है। डिग्री अवसर दे सकती है, लेकिन वास्तविक पहचान चरित्र और कर्मों से बनती है। उन्होंने छात्राओं से अपने संस्कारों को साथ रखते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और चुनौतियों से न घबराने का आह्वान किया।
महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, अपने-अपने समाज और देश के प्रति जिम्मेदारियों को समझना भी है। उन्होंने छात्राओं से अपने ज्ञान का उपयोग समाज की भलाई में करने तथा शोध, नवाचार और ज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. रमा सुब्रमण्यन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। महामहिम कुलाधिपति द्वारा समापन की औपचारिक घोषणा के बाद राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। दीक्षांत समारोह सभी पदाधिकारी गण, शिक्षकगण , शिक्षकेत्तर एवं मीडिया बंधु एवं उपाधि प्रापक छात्राएँ उपस्थित थीं

