अपोलो टायर्स के इंडस्ट्री-एकेडेमिया मीट में शामिल हुआ श्रीनाथ यूनिवर्सिटी
आंध्र प्रदेश के श्री सिटी के पास चिन्नापांडुर गांव स्थित अपोलो टायर्स लिमिटेड के प्लांट में इंडस्ट्री-एकेडेमिया मीट का आयोजन किया गया। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से 20 से अधिक विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। श्रीनाथ यूनिवर्सिटी को भी इस मेगा मीट में आमंत्रित किया गया था।
श्रीनाथ यूनिवर्सिटी की ओर से ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट के सीनियर डायरेक्टर ए.के. शाही ने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने इंडस्ट्री और एकेडेमिया के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि उद्योगों की जरूरतों और बदलती मांग को समझकर शिक्षण संस्थान छात्रों को बेहतर तरीके से तैयार कर सकते हैं। इससे छात्रों को इंडस्ट्री के अनुरूप कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा, वहीं कंपनियों को अपनी जरूरत के अनुसार योग्य प्रतिभाएं मिल सकेंगी।
कार्यक्रम में ग्रुप एचआर मैनेजर कंडाती मधु ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और उद्योग जगत में आवश्यक कौशल एवं योग्यताओं के बारे में जानकारी दी। वहीं, अपोलो ग्रुप के प्लांट एचआर दीपांकर घोष ने कंपनी की भविष्य की योजनाओं, मैनपावर की जरूरतों और कर्मचारियों में अपेक्षित कौशल के बारे में विस्तार से बताया।
अपोलो टायर्स प्रबंधन ने भविष्य में इस तरह के इंडस्ट्री-एकेडेमिया मीट का आयोजन हर वर्ष करने की इच्छा जताई। इसका उद्देश्य शिक्षण संस्थानों को उद्योगों की बदलती जरूरतों से अवगत कराना और छात्रों को रोजगार के लिए जरूरी कौशल से लैस करना है। वक्ताओं ने कहा कि इस तरह की पहल भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक कुशल कार्यबल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से आए प्रतिनिधियों ने अपोलो टायर्स के आधुनिक एवं अत्याधुनिक तकनीक से लैस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का दौरा किया। प्रतिनिधियों ने उत्पादन प्रक्रिया, तकनीकी सुविधाओं और आधुनिक मशीनरी की कार्यप्रणाली को भी देखा।
इस अवसर पर मैन्युफैक्चरिंग प्रमुख राजेंद्र रेड्डी और यूनिट हेड आनंद शंकर ने भी प्रतिनिधियों को संबोधित किया और कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया एवं इंडस्ट्री की आवश्यकताओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

