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झारखंड में शिक्षा मंत्रियों के साथ कैसा संयोग? तीसरे मंत्री के निधन पर सोशल मीडिया पर उठ रहे हैं सवाल


झारखंड में शिक्षा मंत्रियों के साथ कैसा संयोग? तीसरे मंत्री के निधन पर सोशल मीडिया पर उठ रहे हैं सवाल


अमित कुमार,
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो 

देवघर : झारखंड सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री *सुदिव्य कुमार 'सोनू'* के आकस्मिक निधन के बाद सोशल मीडिया पर एक ही सवाल गूंज रहा है - झारखंड में शिक्षा मंत्रियों के साथ ये कैसा संयोग है?

ज्ञात हो कि शनिवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद गिरिडीह के 'मर्सी अस्पताल' में इलाज के दौरान रविवार तड़के मंत्री *सुदिव्य कुमार 'सोनू'* का कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। वे 56 वर्ष के थे और गिरिडीह से लगातार 02 बार विधायक थे। एक दिन पहले ही 05 सितंबर को वे 'शिक्षक दिवस' कार्यक्रम में सक्रिय थे।

उनके निधन के साथ ही झारखंड में यह तीसरी बार हुआ है जब शिक्षा विभाग का प्रभार संभाल रहे मंत्री का पद पर रहते हुए देहांत हुआ है।

इससे पहले अप्रैल 2023 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री *जगरनाथ महतो* का चेन्नई में इलाज के दौरान निधन हो गया था। वहीं अगस्त 2025 में स्कूली शिक्षा मंत्री *रामदास सोरेन* का दिल्ली में इलाज के दौरान निधन हो गया था। अब 06 सितंबर 2026 को उच्च शिक्षा मंत्री *सुदिव्य कुमार 'सोनू'* के निधन ने इस कड़ी को और लंबा कर दिया है।

इसी बात को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि "झारखंड में शिक्षा मंत्रियों के साथ ये कैसा संयोग है?" लोग इसे दुखद संयोग, नियति और चिंता के रूप में देख रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि झारखंड का शिक्षा विभाग विगत 03 वर्षों से इस अशुभ संयोग से जूझ रहा है।

उल्लेखनीय है कि *सुदिव्य कुमार 'सोनू'* हेमंत सोरेन सरकार में नगर विकास, आवास, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल-युवा कार्य के साथ-साथ उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग संभाल रहे थे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें बड़ा भाई बताते हुए कहा कि उनका जाना जीवन में ऐसी रिक्तता छोड़ गया है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

झामुमो ने भी इसे पार्टी और राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। फिलहाल पूरे राज्य में शोक की लहर है, लेकिन सोशल मीडिया पर इस लगातार हो रही घटनाओं को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और सवाल उठ रहे हैं।